ISRO BlueBird Block-2 Launch : इसरो के नवा धमाका : अब बिना टावर के मोबाइल में आही सिग्नल, बाहुबली रॉकेट ह ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ ला पहुंचाइस अंतरिक्ष में
ISRO BlueBird Block-2 Launch : श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ह आज बिहनिया एक अइसन काम करके देखाइस हे, जेकर ले पूरी दुनिया चकित हो गे हे। इसरो के सबले ताकतवर रॉकेट LVM3 (बाहुबली) ह श्रीहरिकोटा ले अमेरिका के ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ सैटेलाइट ला सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिस। एला इसरो के इतिहास के सबले भारी कमर्शियल मिशन कहे जावत हे।
ISRO BlueBird Block-2 Launch : का हे ए मिशन के सबले बड़े खूबी?
ए सैटेलाइट के सबले बड़े खूबी एखर विशालकाय एंटीना हे। अंतरिक्ष में पहुंचे के बाद जब ए एंटीना ह खुलही, त ए ह लगभग 2400 वर्ग फुट के इलाका ला घेरही। ए ह अंतरिक्ष में एक ‘तैरत हुए मोबाइल टावर’ के कस काम करही। सबले बने बात ए हे कि एखर बर आप मन ला कोनो खास फोन खरीदे के जरूरत नहीं हे; आप मन के करा जउन साधारण 4G या 5G मोबाइल हे, ओही ह सीधा अंतरिक्ष ले सिग्नल धर सकही।
अब ‘नेटवर्क नई हे’ के झंझट होही खत्म
अक्सर हमन देखथन कि घना जंगल, ऊंच पहाड़ या समंदर के बीच में मोबाइल के नेटवर्क गायब हो जाथे। ए सैटेलाइट ह ओ अइसन जगा मन बर बनाय गे हे जहाँ टावर लगाना मुश्किल हे। अब कोनो भी कोना में रहिहौ, आप मन ला हाई-स्पीड इंटरनेट अउ कॉल करे के सुविधा मिलही। संग ही संग, जब बाढ़ या भूकंप जइसन मुसीबत आथे अउ जमीन के टावर गिर जाथे, तब ए सैटेलाइट ह मनखे मन के जान बचाय बर संचार के सबले बड़े जरिया बनही।
इसरो के ‘बाहुबली’ अउ ऐतिहासिक समझौता
ए सैटेलाइट के वजन लगभग 6500 किलो हे, जेला इसरो के बाहुबली रॉकेट ह धरती ले 520 किलोमीटर ऊपर ओखर सही जगा में पहुंचा दिस। ए मिशन ह भारत के संस्था NSIL अउ अमेरिकी कंपनी के बीच एक बड़े समझौता के नतीजा हे।
ए कामयाबी ले भारत ह दुनिया ला बता दिस कि अंतरिक्ष के दुनिया में ओखर कोनो सानी नहीं हे। अब वो दिन दूर नहीं हे जब मोबाइल में ‘नो नेटवर्क’ लिखे के झंझट हमेशा बर खत्म हो जाही।



