महंगाई के मार: थोक महंगाई तोड़िस रिकॉर्ड, खाए-पिए के चीज होगे महँगा, जानव पूरा हाल
Inflation India : दिल्ली : देस मा महंगाई ह एक बार फिर ले आम जनता के कमर तोड़े बर तइयार हे। दिसंबर महीना मा थोक महंगाई सूचकांक (WPI) बढ़के 0.83% होगे हे, जेखर बड़े कारन खाए-पिए के सामान मन के रेट मा बढ़ोतरी होना आय। पिछला आठ महीना मा ये सबले जादा बढ़त आय। वाणिज्य मंत्रालय ह आज बुधवार, 14 जनवरी के ए आंकड़ा मन ला जारी करे हे।
Inflation India : का-का होगे महँगा?
रोज के जरूरत के जिनिस अउ खाए-पिए के सामान के दाम ह ऊपर चढ़ गे हे।
प्राइमरी आर्टिकल्स: जेमा अनाज, गेंहू अउ सब्जी मन आथे, ओखर महंगाई दर -2.93% ले बढ़के 0.21% होगे हे।
खाद्य सूचकांक: ए घलो -2.60% ले बढ़के 0% मा पहुँच गे हे।
फैक्ट्री के सामान: विनिर्मित उत्पाद (Manufactured products) मन के थोक महंगाई घलो 1.33% ले बढ़के 1.82% होगे हे।
राहत के बात: सिरि्फ ईंधन (तेल) अउ बिजली के थोक महंगाई मा हल्का कमी आय हे।
खुदरा महंगाई घलो देवत हे झटका
थोक महंगाई के संग-संग खुदरा महंगाई (Retail Inflation) घलो बढ़गे हे। दिसंबर मा ये ह 1.33% दर्ज करे गिस हे, जे ह पिछला तीन महीना मा सबले जादा हे। अक्टूबर अउ नवंबर के तुलना मा ए बढ़त ह आम आदमी के जेब मा सीधा असर डारही।
आम मनखे ऊपर का होही असर?
थोक महंगाई के बढ़े के मतलब ये आय कि अब सामान बनाय के खरचा बढ़ जाही। जब कंपनी मन ला सामान बनाय मा जादा पइसा लागही, त ओ मन ए खरचा ला ग्राहक मन ले वसूल करही। एखर ले बजार मा हर जिनिस के रेट बढ़ जाही। सरकार ह टैक्स कम करके थोक रेट ला नियंत्रित करे के कोसिस करथे, फेर ओखर घलो एक सीमा होथे।
कइसे नापे जाथे महंगाई?
भारत मा महंगाई ला दू तरीका ले नापे जाथे:
खुदरा (Retail): जे दाम मा हमन बजार ले सामान बिसाथन (Consumer Price Index – CPI)।
थोक (Wholesale): जे दाम मा एक व्यापारी ह दूसर व्यापारी ले थोक मा सामान लेथे (Wholesale Price Index – WPI)।
थोक महंगाई मा फैक्ट्री मा बने सामान के हिस्सा सबले जादा (64.23%) होथे, जबकि खुदरा महंगाई मा खाए-पिए के सामान के वजन (45.86%) जादा होथे।