रिकवरी के नाम म गुंडागर्दी अब नहीं चलही: RBI ह जारी करिस कड़ा नियम, कर्जदार मन ला मिलही राहत
RBI New Rules : बैंक ले लोन लेहे के बाद ओला चुकाय बर अब रिकवरी एजेंट मन आप मन ला परेशान नहीं कर सकंय। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ह लोन रिकवरी के नाम म होय वाली बदसलूकी अउ धमकी ला रोके बर नवा ड्राफ्ट नियम जारी करे हे। एखर ले कर्जदार मन ला मानसिक प्रताड़ना ले आजादी मिलही अउ पूरा प्रक्रिया ह पारदर्शी बनही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ह बजट 2026 म घलो संकेत दे रहिन कि ग्राहक मन के अधिकार के रक्षा करे जाही। ओही दिशा म अब RBI ह ‘सेकेंड अमेंडमेंट डायरेक्शंस, 2026′ के मसौदा तइयार करे हे।
अब बैंक मन के जिम्मेदारी होही तय नवा नियम के मुताबिक, अब हर बैंक ला अपन रिकवरी पॉलिसी ला लिख के सार्वजनिक करना होही। बैंक मन ला अपन वेबसाइट अउ एप म अधिकृत रिकवरी एजेंट मन के सूची डालना होही, ताकि लोगन मन ला पता रहय कि वसूली बर आवे वाला मन असली हें या फर्जी। सबले बड़े बात ये हे कि यदि कोनो ग्राहक ह बैंक म शिकायत दर्ज कराए हे, त जब तक ओखर निराकरण नहीं हो जाही, तब तक ओ मामला ला रिकवरी एजेंट मन ला नहीं भेजे जाही।
वसूली बर समय अउ तरीका निर्धारित RBI ह एजेंट मन बर कड़ा गाइडलाइन बनाय हे। अब रिकवरी एजेंट मन सिरिफ बिहनिया 8 बजे ले संझा 7 बजे के बीच ही फोन या संपर्क कर सकहीं। ओ मन ला कर्जदार के निजी जिंदगी अउ सम्मान के पूरा ख्याल रखना होही। कोनो घलो रिश्तेदार, संगी-जौहार या संगे म काम करे वाला मन ला फोन करके परेशान करना अब कानूनी रूप ले मना होही। बिहाव, मउत या कोनो बड़े तिहार के दिन रिकवरी बर फोन नहीं करे जा सकय।
गुंडागर्दी अउ गाली-गलौज बर अब कोनो जगह नहीं धमकी देना, गाली-गलौज करना, सोशल मीडिया म बदनाम करे के कोसिस करना या झूठा कानूनी डर दिखाना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करे जाही। RBI ह साफ कह दे हे कि पैसा वसूली के नाम म कोनो भी तरह के गुंडागर्दी नहीं चलही। बातचीत के रिकॉर्डिंग घलो करना होही अउ ग्राहक ला एखर जानकारी देना जरूरी होही। ए नवा नियम के मकसद ये हे कि बैंक अपन पैसा जरूर वसूलें, लेकिन कानून अउ इंसानियत के दायरा म रह के।



