सावधान! होलिका दहन के आगि ले दूर रहू ये 5 किसम के लोगनमन, जानव का हे धार्मिक मान्यता
Holika Dahan 2026 : छत्तीसगढ़ मा होली के तिहार बड़ धूमधाम ले मनाए जाथे। फागुन पुन्नी के रात होलिका दहन करे जाथे, जेला बुराई ऊपर अच्छाई के जीत के प्रतीक माने जाथे। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ह भक्त प्रह्लाद के रक्षा करिन अऊ होलिका खुद आग मा जल के भस्म हो गे। धार्मिक मान्यता अऊ सियान मन के कहना हे कि कुछ खास लोग मन ला होलिका के आग देखे ले बचना चाहिये। आओ जानथन वो कौन लोग हें:
नवा बहु (नवा बहुरिया) हिन्दू परंपरा मा कहे जाथे कि बिहाव के बाद पहिली होली नवा बहु ला अपन माइके मा मनाना चाहिये। मान्यता हे कि ओला ससुराल मा रह के होलिका दहन नई देखना चाहिये। कहे जाथे कि होलिका के बिहाव इलोजी संग होय वाला रिहिस, फेर बिहाव ले पहिली ओकर मौत हो गे, एखर सेती नवा बहु बर एला अशुभ माने जाथे।
सास अऊ बहु एक मान्यता ये घलो हे कि सास अऊ बहु ला एक संग ठाढ़ हो के होलिका दहन नई देखना चाहिये। अइसन माने जाथे कि एक संग आग देखे ले सास-बहु के रिश्ता मा तनाव अऊ अनबन बाढ़ सकथे। एखर सेती सियान मन दूनों ला एक संग आग दर्शन करे ले मना करथें।
एकलउती संतान के महतारी लोक मान्यता के अनुसार, जेकर सिर्फ एक ठन लइका (संतान) हे, ओ महतारी-बाप ला होलिका दहन देखे ले बचना चाहिये। एखर पीछे तर्क दे जाथे कि प्रह्लाद घलो अपन ददा हिरण्यकश्यप के एकलउती संतान रिहिस, ओही समय ले ये परंपरा चलत आवत हे।
गरभवती महिला अऊ नवजात लइका गरभवती महतारी मन ला होलिका दहन के जगह ले दूर रहना चाहिये। धार्मिक कारण के संग ये सेहत बर घलो जरूरी हे, काबर कि आग के ताप अऊ धुआं ले जच्चा-बच्चा दूनों ला तकलीफ हो सकथे। ओइसने छोटे लइका मन ला घलो आग तीर नई ले जाना चाहिये, काबर कि धुआं अऊ भीड़ ले ओमन बीमार पड़ सकथें।



