मेडिकल पीजी प्रवेश नियम मा बदलाव ला हाईकोर्ट के हरी झंडी: काउंसलिंग रद्द करे के फैसला सही, अब नवा नियम ले होही भर्ती
Bilaspur High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के डीविजन बेंच ह मेडिकल कॉलेज मन मा पीजी (MS/MD) कोर्स मा प्रवेश ला लेके चलत विवाद ऊपर एक बड़ फैसला सुनावत सरकार के निर्णय ला सही ठहराय हे। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा अउ जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के बेंच ह कहिस कि ‘छत्तीसगढ़ मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश नियम, 2025’ के नियम 11 मा संशोधन के बाद अब कोनो भी लइका मन मेर जुन्ना आवंटित सीट मा बने रहे के अधिकार नइ राहय।
ये मामला भिलाई के अनुष्का यादव अउ आन मन के याचिका ऊपर होइस, जेमन ह काउंसलिंग रद्द करे ला चुनौती दे रहिन। लइका मन के कहना रहिस कि ओमन फीस अउ बैंक गारंटी जमा करके प्राइवेट कॉलेज मा सीट ले डरे रहिन, फेर नवा नियम ले ओखर एडमिशन रद्द होगे।
राज्य सरकार अउ महाधिवक्ता कार्यालय कोति ले कोर्ट मा पक्ष रखिस कि काउंसलिंग रद्द करे के फैसला मनमानी नइ हे, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के ‘डॉ. तन्वी बहल’ मामला मा आय आदेश के पालन आय। सुप्रीम कोर्ट के कहना हे कि पीजी मेडिकल मा डोमिसाइल (निवास) के आधार मा आरक्षण असंवैधानिक हे, अउ 50 प्रतिशत सीट मन ला ओपन मेरिट ले भरना जरूरी हे। हाईकोर्ट ह सरकार के दलील ला मानत कहिस कि जब भर्ती प्रक्रिया अदालती जांच के अधीन होथे, तब कोनो भी अलॉटमेंट ला आखिरी नइ माने जा सके। कोर्ट ह ये घलो साफ कर दिस कि अब ये मामला मा कोनो नवा याचिका स्वीकार नइ करे जाय। ये फैसला के बाद अब प्रदेश मा मेडिकल पीजी सीट मन बर नवा नियम ले काउंसलिंग के रद्दा साफ होगे हे।



