गैस किल्लत म सरकार के कड़ा कदम: जमाखोरी रोके बर ‘एस्मा’ लागू, अब रिफाइनरी मन म बाढ़ही उत्पादन
LPG Crisis India : नई दिल्ली : ईरान-इजरायल के बीच चलत जुद्ध के आंच अब हमर रसोई तक पहुंच गे हे। पश्चिम एशिया म तनाव अउ समुद्री रस्ता (होर्मुज जलडमरूमध्य) बंद होय के सेती भारत म एलपीजी (LPG) के सप्लाई बुरी तरह प्रभावित होय हे। ए आपात स्थिति ले निपटे बर केंद्र सरकार ह ‘आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम’ (ESMA) अउ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (EC Act) लागू कर दे हे।
सरकार के ए कड़ा फैसला के मकसद गैस के जमाखोरी ला रोकना अउ आम जनता ला बिना कोनो रूकावट के सिलेंडर उपलब्ध कराना आय।
काबर लेना पड़िस एतका बड़े फैसला?
भारत अपन जरूरत के लगभग 60% एलपीजी दूसर देस मन ले मंगवाथे। जुद्ध के सेती समुद्री रस्ता बंद हो गे हे, जेकर ले आयात म भारी कमी आई हे। पिछला साल भारत म 3.13 करोड़ टन गैस के खपत होय रिहिस, जेमा ले 1.85 करोड़ टन बिदेस ले आय रिहिस। अब ए कमी ला पूरा करे बर सरकार ह तेल रिफाइनरी मन ला ‘इमरजेंसी मोड’ म डाल दे हे।
सरकार के 3 बड़े निर्देश:
रिफाइनरी मन ला आदेश: सरकार ह अपन आपातकालीन शक्ति के प्रयोग करत हुए रिफाइनरी मन ला कहि दे हे कि ओमन दूसर उत्पादन ला रोक के सिर्फ एलपीजी के उत्पादन ला बढ़ावें।
प्राथमिकता तय: सरकार ह गैस बांटे के नवा चार्ट जारी करे हे। पहिली प्राथमिकता घर मन म पाइप ले मिले वाला गैस (PNG) अउ गाड़ी मन के सीएनजी (CNG) ला दे गे हे। ओखर बाद फर्टिलाइजर (खाद) प्लांट मन ला गैस दे जाही।
जमाखोरी ऊपर लगाम: महाराष्ट्र के रत्नागिरी अउ कोल्हापुर जइसन सहर मन म गैस बर लंबी लाइन ला देखत हुए ‘एस्मा’ लगाय गे हे, ताकि कोनो घलो एजेंसी या मनखे गैस के कालाबाजारी झन कर सके।
का होथे एस्मा (ESMA)?
ए अइसन कानून आय जऊन ह जरूरी सेवा मन ला सुचारू रूप ले चलाय बर लगाय जाथे। एला लागू करे के बाद गैस सप्लाई ले जुड़े कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकें अउ सरकार के पास पूरा पावर आ जाथे कि ओ ह वितरण व्यवस्था ला अपन हिसाब ले चला सके।



