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Former CJI DY Chandrachud: यूक्रेनी सरकारी बैंक और रूस के विवाद में भारत की एंट्री, पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया आर्बिट्रेटर, रूस की ओर से रखेंगे पक्ष

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Former CJI DY Chandrachud: यूक्रेनी सरकारी बैंक और रूस के विवाद में भारत की एंट्री, पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया आर्बिट्रेटर, रूस की ओर से रखेंगे पक्ष

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35520-dy Former CJI DY Chandrachud: यूक्रेनी सरकारी बैंक और रूस के विवाद में भारत की एंट्री, पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया आर्बिट्रेटर, रूस की ओर से रखेंगे पक्ष

Former CJI DY Chandrachud: नई दिल्ली: रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक के साथ चल रहे निवेश विवाद में अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है। यह मामला रूस-यूक्रेन निवेश संधि के तहत शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से जुड़ा है। ओशचाडबैंक का आरोप है कि रूस की सैन्य कार्रवाई से डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में उसकी संपत्तियों और कारोबार को नुकसान पहुंचा।

तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा सुनवाई

इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल करेगा। कोस्टा रिका की डियाला जिमेनेज को दोनों पक्षों ने मिलकर ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष चुना है। ग्रीस के स्टावरोस ब्रेकोलाकिस को ओशचाडबैंक ने अपना आर्बिट्रेटर बनाया है, जबकि रूस की ओर से जस्टिस चंद्रचूड़ की नियुक्ति हुई है।

सैकड़ों करोड़ डॉलर के नुकसान का दावा

ओशचाडबैंक ने रूस से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद का नोटिस भेजा था। जवाब नहीं मिलने के बाद अप्रैल 2026 में बैंक ने नई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू की। बैंक के मुताबिक, चार यूक्रेनी क्षेत्रों में उसकी संपत्तियों और संचालन को नुकसान हुआ है।

चंद्रचूड़ पहले प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस इससे पहले भी चंद्रचूड़ को दो अन्य निवेश विवादों में अपना आर्बिट्रेटर बनाने की कोशिश कर चुका था। इन प्रस्तावों को उन्होंने स्वीकार नहीं किया था। अब ओशचाडबैंक मामले में रूस की ओर से उनकी नियुक्ति हुई है।

क्रीमिया मामले से अलग है विवाद

यह मामला ओशचाडबैंक के क्रीमिया की संपत्तियों से जुड़े पुराने विवाद से अलग है। उस मामले में बैंक को करीब 1.1 अरब डॉलर का मुआवजा मिला था। ओशचाडबैंक के अनुसार, नए मामले में 2022 के बाद डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में हुए नुकसान का दावा किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक ने रूस के खिलाफ निवेश विवाद की अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता शुरू की है। बैंक का आरोप है कि 2022 में रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में उसकी संपत्तियों और कारोबार को नुकसान पहुंचा। बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद का नोटिस भेजा था। इसके बाद मामले की सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल बनाया गया। रूस ने इस ट्रिब्यूनल में अपनी ओर से भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है। वहीं, ओशचाडबैंक की ओर से ग्रीस के स्टावरोस ब्रेकोलाकिस और दोनों पक्षों की सहमति से कोस्टा रिका की डियाला जिमेनेज को ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष बनाया गया है। बैंक रूस से हुए नुकसान की भरपाई मांग रहा है।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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