E20 पेट्रोल से खर्च में कटौती, प्रदूषण भी होगा कम; लेकिन पुरानी कारों में बढ़ सकती है दिक्कत
एथेनॉल एक नवीकरणीय (Renewable) ईंधन है।
यह बायो-फ्यूल होने की वजह से प्रदूषण कम करता है।
भारत सरकार 2025 तक E20 को पूरे देश में उपलब्ध कराने का लक्ष्य रख चुकी है।
2. E20 पेट्रोल के फायदे
(क) खर्च में बचत
सामान्य पेट्रोल की तुलना में E20 पेट्रोल लगभग ₹8 प्रति लीटर सस्ता पड़ता है।
इससे आम उपभोक्ता का खर्च कम होगा और देश का इंपोर्ट बिल भी घटेगा।
(ख) पर्यावरण के लिए बेहतर
एथेनॉल जलने पर पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम कार्बन डाइऑक्साइड और ग्रीनहाउस गैसें निकलती हैं।
इससे वायु प्रदूषण घटेगा और जलवायु परिवर्तन की समस्या पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकेगा।
(ग) किसानों को फायदा
एथेनॉल मुख्यतः गन्ना, मक्का जैसी फसलों से तैयार होता है।
इसकी बढ़ती मांग से किसानों को अतिरिक्त आय होगी और फसलों की वैल्यू बढ़ेगी।
(घ) विदेशी तेल पर निर्भरता कम
भारत वर्तमान में अपनी 80% से ज्यादा कच्चे तेल की जरूरत दूसरे देशों से पूरी करता है।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से यह निर्भरता घटेगी और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
3. पुरानी गाड़ियों पर नुकसान
हालांकि, E20 पेट्रोल हर कार के लिए सुरक्षित नहीं है।
पुरानी कारों (2010 या इससे पहले बनी गाड़ियां) में E20 डालने से इंजन और फ्यूल पाइप पर असर पड़ सकता है।
गाड़ी की माइलेज कम हो सकती है।
लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर गाड़ी के रबर पार्ट्स, फ्यूल पंप और इंजन वाल्व्स खराब हो सकते हैं।
कुछ पुरानी गाड़ियां E20 पर चल तो सकती हैं, लेकिन उनका परफॉर्मेंस स्थिर नहीं रहता।
4. नई गाड़ियों में फायदा
आजकल जो नई कारें बाजार में लॉन्च हो रही हैं, उन्हें पहले से ही E20-कंपैटिबल बनाया जा रहा है।
इससे ग्राहकों को भविष्य में कोई परेशानी नहीं होगी।
गाड़ियों की माइलेज और परफॉर्मेंस पर बहुत कम असर पड़ेगा।
5. भविष्य की चुनौतियाँ और समाधान
इंफ्रास्ट्रक्चर: पूरे देश में E20 पेट्रोल की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाना होगा।
किसानों की मदद: एथेनॉल उत्पादन के लिए स्थायी नीतियाँ बनानी होंगी।
तकनीकी सुधार: कंपनियों को इंजन टेक्नोलॉजी में बदलाव करने होंगे
जागरूकता: उपभोक्ताओं को जानकारी देना कि कौन सी कार E20 के लिए उपयुक्त है।



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