होम Chhattisgarh छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक मन के बड़े कमाल: डायबिटिक घाव के पक्का इलाज बर खोजिन नवा प्राकृतिक फॉर्मूला
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक मन के बड़े कमाल: डायबिटिक घाव के पक्का इलाज बर खोजिन नवा प्राकृतिक फॉर्मूला

WhatsApp Facebook
छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक मन के बड़े कमाल: डायबिटिक घाव के पक्का इलाज बर खोजिन नवा प्राकृतिक फॉर्मूला

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Diabetic foot treatment : भिलाई: डायबिटीज (शूगर) के मरीज मन के गोड़ मा होवइया जिद्दी घाव (डायबिटिक फुट) अउ लंबा समय तक नई भरइया गंभीर जख्म मन के इलाज मा अब जल्द ही बड़े सफलता मिल सकत हे। छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक मन ह एक अइसन प्राकृतिक पदार्थ के पहचान करे हें, जो फंगस अउ बैक्टीरिया कोति ले बनाए जावइया संक्रमण के मजबूत परत (बायोफिल्म) ला जड़ ले रोके मा सक्षम हे। ए महत्वपूर्ण शोध ला ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के नामी ‘जर्नल ऑफ एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी’ मा जगह मिले हे।

ए बड़े शोध ला एनआईटी रायपुर, रूंगटा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी अउ पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (रायपुर) के वैज्ञानिक मन ह मिलके करे हें। वैज्ञानिक मन ह ‘होमोवेनिलिक एसिड’ (एचवीए) नाव के प्राकृतिक पदार्थ ऊपर ध्यान दे हें, जो फंगस अउ बैक्टीरिया के मिले-जुले संक्रमण ला कमजोर कर देते। ए संक्रमण ला डाक्टरी विज्ञान मा सबले जतिल अउ लाइलाज माने जाथे, काबर कि एहा आम दवाई मन के असर ला बेअसर कर देते।

एनआईटी रायपुर के प्रयोगशाला मा सुरुवाती जांच के बाद, रूंगटा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज मा मूसा (चूहों) मन ऊपर एकर आगू के ट्रायल करे गिस। वैज्ञानिक मन ह मूसा मन के संक्रमित घाव मा एचवीए वाले जेल ला लगाईन, जेकर अब्बड़ सुग्घर परिणाम अगोरा आइस। सिरिफ 14 दिन के भितरी मूसा मन के घाव ह न केवल तेजी ले भरे लगीस, बल्कि सूजन घलो कम होइस अउ नवा चमड़ी (त्वचा) बने के प्रक्रिया घलो साफ दिखाई दिस। एकर बाद रायपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ मन ह माइक्रोस्कोपिक जांच ले ए सुरक्षित अउ असरदार परिणाम मन के आखिरी पुष्टि करिन।

ए शोध मा रूंगटा यूनिवर्सिटी के फार्मेसी विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय गुप्ता, एनआईटी रायपुर के डॉ. प्रतिमा गुप्ता अउ डॉ. अनमोल कुलश्रेष्ठ के मुख्य भूमिका रहीस हे। वैज्ञानिक मन के मुताबिक, मूसा मन ऊपर सफल परीक्षण के बाद अब अगला चरण मा एकर क्लिनिकल (मानव) ट्रायल करे जाही। यदि मानुस मन ऊपर घलो एकर परिणाम अइसने सुग्घर रहीस, त आघू चलके डायबिटिक फुट अउ कैथेटर ले होवइया संक्रमण बर एक अचूक जेल या दवाई बजार मा आ सकही, जेकर ले मरीज मन ला पीरा देइया सर्जरी अउ एंटीबायोटिक दवाई मन के जादा इस्तेमाल ले मुकती मिल जाही।

🔴
OneCG एक्सक्लूसिव रिपोर्ट OneChhattisgarh.Com
दोस्तों के साथ साझा करें
Editor
लेखकEditor
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)