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दुनिया भर म हाहाकार, फेर भारत म राहत: $100 पार क्रूड के बाद घलो देस म काबर नई बढ़िस पेट्रोल के दाम?

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crude oil price hike impact india : दुनिया भर म कच्चा तेल (Crude Oil) के कीमत $100 प्रति बैरल ला पार कर गे हे, जेखर से अमेरिका अउ यूरोप म पेट्रोल 20% तक महंगा होगे हे। फेर अचरज के बात ए हे कि भारत म पेट्रोल-डीजल के दाम अभी घलो स्थिर बने हुए हे। जब दुनिया भर म ईंघन के संकट छाय हे, तब भारत ह अपन बर एक ‘सुरक्षा कवच’ तइयार कर ले हे।

देस मन म पेट्रोल के कीमत म बढ़ोत्तरी के हाल:
| देस | पेट्रोल के दाम म बढ़िस (%) | हालत |
| :— | :— | :— |
| कनाडा | ~25% | सबले बुरा हाल |
| अमेरिका | ~20% | तेज उछाल |
| जर्मनी / इटली | ~15% | भारी बढ़ोत्तरी |
| चीन / जापान | ~10% | सरकारी कंट्रोल के बाद घलो बढ़त |
| भारत | 0% (स्थिर) | मजबूत पकड़ |

ओ 3 बड़े कारन, जेहा भारत ला महंगाई ले बचाइस:

70 दिन के ‘बैकअप’ प्लान: भारत के पास अपन ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ अउ तेल कंपनी मन के स्टॉक ला मिला के लगभग 70 ले 74 दिन के तेल जमा हे। मतलब अगर दुनिया म सप्लाई रुक घलो जाय, त भारत ढाई महीना तक बिना कोनो परेशानी के चल सकथे। ए स्टॉक ह अचानक आय वाला झटका मन ले बचाथे।

रूस ले ‘मितान मिताई’ अउ सस्ता तेल: जब दुनिया महंगा तेल ले परेशान रहिस, तब भारत ह रूस ले भारी छूट (Discount) म कच्चा तेल खरीदीस। ए सस्ता तेल ले भारतीय तेल कंपनी मन ला अतका मुनाफा होइस कि अब $100 पार होय के बाद घलो ओ मन जनता ऊपर बोझ नई डारत हें।

सरकार अउ तेल कंपनी मन के ‘जुगलबंदी’: सरकार ह एक बढ़िया गणित लगाय हे— जब तेल सस्ता रहिस, तब सरकार ह टैक्स (Excise Duty) बढ़ा के पइसा जमा करिस। अब जब क्रूड $100 पार हे, त सरकार ह टैक्स ला कम कर दे हे ताकि आम मनखे ला कोनो तकलीफ झन होवय। तेल कंपनी मन घलो बढ़े हुए लागत ला खुद झेलत हें।

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