जुद्ध के आग में झुलसत हे बाजार : 15 दिन में 41% महंगा होइस कच्चा तेल, जानव का असर पड़ही
Crude Oil Price Hike : वॉशिंगटन/तेहरान। शनिवार, 14 मार्च 2026 : अमेरिका, इजराइल अउ ईरान के बीच छिड़े भयंकर जुद्ध ह पूरा दुनिया के अर्थव्यवस्था ला हिला के रख दे हे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिरिफ 15 दिन के भीतर कच्चा तेल (Crude Oil) के कीमत में 41% ले जादा के उछाल आए हे। एकर सबले बुरा असर हमर एशियाई देस मन के एनर्जी सप्लाई अउ आम मनखे के जेब में पड़े के डर हे।
तेल के कीमत में अइसन आग काबर लगीस?
रिपोर्ट के मुताबिक, जुद्ध सुरू होय के पहिली यानी 27 फरवरी के कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल रहीस। लेकिन जैसे च अमेरिका अउ इजराइल ह ईरान के सैन्य ठिकाना मन में हमला करिन, बाजार में हड़कंप मच गे। शनिवार तक तेल के रेट बढ़ के 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गे हे। मतलब सिरिफ दू हफ्ता में एक बैरल पीछे 30 डॉलर के भारी बढ़ोत्तरी होय हे।
का ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ हे असली वजह?
दुनिया भर में तेल के व्यापार के एक बड़े हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) ले हो के गुजरथे। जुद्ध के सेती ए रस्ता ले जहाज मन के आना-जाना प्रभावित होय हे। जानकार मन के कहना हे कि अगर ए रस्ता जादा दिन तक बंद रहीस, त दुनिया भर में तेल के भारी किल्लत हो जाही। एकर ले पेट्रोल-डीजल त महंगा होबे करही, संग में महंगाई घलो तेजी ले बढ़ही।
भारत में का असर पड़ही?
भारत अपन जरूरत के जादातर तेल बाहर ले मँगाथे (Import करथे)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में 30 डॉलर के ए उछाल ह भारतीय अर्थव्यवस्था बर चिंता के बिषय हे। अगर रेट अइसने बने रहीस, त आने वाला समय में हमर देस में पेट्रोल, डीजल अउ सामान ढोय के खरचा (माल ढुलाई) महंगा हो सकथे।
आने वाला दिन कइसन रही?
बाजार के एक्सपर्ट मन के कहना हे कि आने वाला हफ्ता शेयर बाजार अउ तेल बाजार बर बहुत उतार-चढ़ाव वाला रही। निवेशक मन अब ए देखत हें कि जुद्ध थमथे या अउ भयानक रूप लेथे। अगर बातचीत ले कोनो हल नहीं निकलीस, त आम आदमी के जेब में सीधा असर पड़ना तय हे।



