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CJP Leaders Bail: सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, 7 दिन बाद हुए जेल से रिहा

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CJP Leaders Bail: सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, 7 दिन बाद हुए जेल से रिहा

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42818-cjp-leaders-bail CJP Leaders Bail: सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, 7 दिन बाद हुए जेल से रिहा

CJP Leaders Bail: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिल गई है। दोनों करीब सात दिनों से हिरासत में थे। अदालत के आदेश के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। यह कार्रवाई जंतर-मंतर में प्रवेश और प्रदर्शन से जुड़े मामले में हुई थी। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग की थी।

SEM कोर्ट ने सुनवाई के बाद दिया जमानत का आदेश

सौरव दास और आशुतोष रांका को पहले पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया था। बाद में उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। पुलिस की ओर से हिरासत बढ़ाने की मांग के बावजूद अदालत ने दोनों नेताओं को जमानत दे दी। अब अदालत के आदेश के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।

दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ली गई याचिका

SEM कोर्ट में राहत मिलने से पहले दोनों नेताओं ने अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि वे याचिका वापस लेना चाहते हैं। इसके बाद याचिका वापस ले ली गई। सुनवाई के दौरान दोनों नेताओं की उम्र का भी उल्लेख हुआ। उनके वकील के अनुसार, सौरव दास 27 साल और आशुतोष रांका 31 साल के हैं। इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, ‘तो ये जेन-जी नहीं हैं।’ अदालत में मिलेनियल्स और जेन-जी की उम्र के दायरे को लेकर भी सवाल किया गया।

हाईकोर्ट ने प्रदर्शन के अधिकार पर क्या कहा?

सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना एक अधिकार है और इस पर कोई संदेह नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी गतिविधि से शांति भंग होने की आशंका हो, तो संबंधित व्यक्ति की पहचान, उसकी गतिविधियों और मंशा जैसे पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। अदालत के मुताबिक, शांति भंग होने की आशंका के आधार पर फैसला लेते समय मजिस्ट्रेट को इन तथ्यों को ध्यान में रखना होता है।

जंतर-मंतर में प्रवेश करने के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

सौरव दास और आशुतोष रांका पर आरोप है कि वे जंतर-मंतर के बंद गेट के ऊपर से कूदकर परिसर में दाखिल हुए थे। उस समय जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाया गया था। इसी मामले में दोनों को हिरासत में लिया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

राष्ट्रीय ध्वज फहराने और नारे लगाने का भी आरोप

मामले से जुड़े आरोपों के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका ने CJP के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। अब SEM कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

साभार: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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OneChhattisgarh संपादकीय डेस्क
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