चिरायु विश्वविद्यालय: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं से छात्रों का भविष्य संवारता संस्थान
चिरायु विश्वविद्यालय, भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में गिना जाता है। यह संस्थान अपने गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय शिक्षण पद्धति के लिए प्रसिद्ध है। चिकित्सा (मेडिकल) और गैर-चिकित्सा (नॉन-मेडिकल) दोनों ही क्षेत्रों में यह लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यही कारण है कि आज यह विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की पहली पसंद बन गया है।
नए शैक्षणिक वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिसमें देशभर से छात्रों का सकारात्मक प्रतिसाद देखने को मिल रहा है। विश्वविद्यालय की खासियत यह है कि यहां सीमित सीटें होने के बावजूद छात्रों को बहुआयामी अवसर प्रदान किए जाते हैं। मेडिकल क्षेत्र में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्सेज की पढ़ाई होती है, जबकि गैर-मेडिकल क्षेत्र में एमबीए, एमएचए, बीबीए, बी.टेक., एम.टेक., बी.कॉम., एम.कॉम., बी.ए., एम.ए., बीपीईएस और एमपीईएस जैसे अनेक कोर्सेज उपलब्ध हैं। इस विविधता के कारण छात्रों को अपनी रुचि और भविष्य की योजनाओं के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता मिलती है।
चिरायु विश्वविद्यालय केवल पाठ्यक्रमों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर भी वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस है। डिजिटल इंटरफेस वाली स्मार्ट क्लासरूम्स, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, विशाल पुस्तकालय और प्रैक्टिकल नॉलेज पर आधारित शिक्षण पद्धति छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में आगे बढ़ने में मदद करती है।
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर माननीय डॉ. सुदेश कुमार सोहनी का कहना है कि चिरायु विश्वविद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता को और भी ऊंचे स्तर तक ले जाने के लिए सतत प्रयासरत है। अनुभवी फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च और इनोवेशन पर विशेष ध्यान तथा इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल डेवलपमेंट गतिविधियां इस संस्थान को औरों से अलग बनाती हैं।
आज के समय में जब शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और करियर ग्रोथ का माध्यम बन चुकी है, तब चिरायु विश्वविद्यालय इस दिशा में नए मानदंड स्थापित कर रहा है। यही कारण है कि यहां से निकलने वाले छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में भी सफल हो रहे हैं।
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