‘कच्चा कारोबार’ नई चलही: जीएसटी ले बचय्या डेढ़ लाख व्यापारी मन ला 10 के बाद नोटिस
Raipur GST notice : रायपुर। छत्तीसगढ़ म अब राज्य जीएसटी विभाग ह टैक्स चोरी रोके बर कड़ा रुख अपना ले हे। विभाग के सर्वे म ये बात आगू आई हे कि कतको झन व्यापारी अउ सेवा क्षेत्र के मनखे मन जीएसटी के दायरा म आय के बाद घलो अभी तक अपन पंजीयन नई करवाय हें। नियम के मुताबिक, जिन कारोबार मन के सालाना टर्नओवर 40 लाख ले जादा हे अउ सेवा क्षेत्र म आय 20 लाख ले जादा हे, ओ मन ला जीएसटी पंजीयन कराना जरूरी हे।
विभागीय आंकड़ा मन के हिसाब ले अइसन व्यापारी मन के संख्या करीब साढ़े 3 लाख होना चाही, फेर अभी तक सिरिफ 2 लाख मनखे मन ही जीएसटी पटावत हें। ए बड़े अंतर ला देखत हुए विभाग ह अब कार्रवाई के तईयारी कर ले हे अउ 10 अप्रैल के बाद बिना पंजीयन के कारोबार करइया मन ला नोटिस भेजे जाही।
विभाग ह बैंक मन के संग बिजली कंपनी ले घलो अइसन इलाका मन के सूची मांगे हे जिहां बिजली के खपत दोगुना हो गे हे। अइसन जगह म चलत फैक्ट्री अउ उद्योग मन के जांच करे जाही। जांच म ये घलो पाय गिस कि नॉन ब्रांडेड सामान जैसे जूता-चप्पल, कपड़ा, फर्नीचर अउ बर्तन के व्यापार करइया मन पंजीयन नई करावत हें, जबकि ओ मन के टर्नओवर सालाना एक करोड़ तक हे।
जीएसटी नंबर नई दिखाय म लगही जुर्माना जीएसटी पंजीयन कराय के बाद सबो व्यापारी मन ला अपन दुकान, दफ्तर या फैक्ट्री के बाहिर ओखर जानकारी चस्पा करना अनिवार्य हे। अइसन नई करइया मन ऊपर 30 हजार रुपिया के जुर्माना लगाय जाही। अफसर मन के कहना हे कि अभी 40 फीसदी व्यापारी मन अपन जीएसटी नंबर डिस्प्ले नई करत हें, अब जांच के बखत एखर ऊपर सीधा कार्रवाई होही।
कोयला अउ ट्रांसपोर्टिंग म सबले जादा गड़बड़ी जीएसटी विभाग ह कोयला अउ ट्रांसपोर्टिंग के काम म खास नजर राखत हे। अभी सबले जादा धांधली अउ बिना बिल के काम एही क्षेत्र म मिलत हे। एखर सेती बड़े कारोबारी मन ऊपर विभाग ह अब पैनी नजर टिका दे हे।



