छत्तीसगढ़ म सोलर पावर ले बदलगे बिजली के तस्वीर, 2100 मेगावाट अक्षय ऊर्जा के उत्पादन
रायपुर। छत्तीसगढ़ म कोयला ले बिजली बनाय के निर्भरता कम करे बर अब सरकार अक्षय ऊर्जा के साधन मन ला बढ़ावा देत हे। एमा सौर ऊर्जा सबसे बड़े विकल्प के रूप म उभर के सामने आइस। प्रदेश म सोलर समेत दूसर अक्षय ऊर्जा स्रोत ले करीब 2100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली के उत्पादन होवत हे। ए काम ला आगे बढ़ाय बर छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनी ह अलग ले सोलर एनर्जी शाखा घलो बनाए हे।
प्रदेश के घर मन के छत म लगे सोलर प्लांट ले करीब 350 मेगावाट बिजली बनत हे। वहीं उद्योग मन म ओपन एक्सेस के तहत करीब 1250 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट चलत हे। अक्षय ऊर्जा दिवस के मौका म प्रदेश म चलत ए परियोजना मन ले साफ हे कि बिजली उत्पादन म सौर ऊर्जा अउ ग्रीन एनर्जी के हिस्सा लगातार बढ़त जात हे।
दू साल म 1200 मेगावाट बढ़िस अक्षय ऊर्जा उत्पादन
प्रदेश म पिछले दू साल के भीतर अक्षय ऊर्जा ले बिजली उत्पादन म काफी बढ़ोतरी होइस। सोलर एनर्जी अउ दूसर अक्षय ऊर्जा स्रोत ले करीब 1200 मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन बढ़े हे। आने वाले समय म नवा परियोजना शुरू होही, त ये क्षमता अउ बढ़े के उम्मीद हे।
किसान मन बर कुसुम योजना ले 21 मेगावाट बिजली
किसान मन ला सौर ऊर्जा के माध्यम ले बिजली उपलब्ध कराय बर पीएम कुसुम योजना म काम चलत हे। ए योजना के तहत अभी करीब 21 मेगावाट बिजली के उत्पादन होवत हे। योजना के मुख्य मकसद खेती-किसानी म बिजली के जरूरत ला सौर ऊर्जा ले पूरा करना अउ पारंपरिक ऊर्जा स्रोत ऊपर निर्भरता कम करना हे।
कृषि फीडर म लगही 308 मेगावाट के सोलर प्लांट
कृषि क्षेत्र म सौर ऊर्जा के इस्तेमाल बढ़ाय बर अब कृषि फीडर मन म सोलर प्लांट लगाए के तैयारी हे। प्रदेश के कृषि फीडर मन म करीब 308 मेगावाट क्षमता के सोलर संयंत्र लगाए जाही। ए ले किसान मन ला दिन के समय सौर ऊर्जा ले बिजली उपलब्ध कराय म मदद मिलही।
92 हजार घर म लगिस सोलर पैनल
पीएम सूर्य घर बिजली योजना के तहत प्रदेश म घर-घर सोलर पैनल लगाए जात हे। सोलर एनर्जी शाखा के मुताबिक 19 अगस्त तक करीब 92 हजार घर म सोलर पैनल लग चुके हे। ए पैनल मन ले करीब 350 मेगावाट बिजली बनत हे। वहीं करीब 90 हजार सोलर प्लांट के कनेक्शन मंजूर हो चुके हे।
योजना के तहत पात्र परिवार मन ला सौर ऊर्जा अपनाय के साथ बिजली बिल म राहत मिलही। योजना के प्रावधान के मुताबिक पात्र परिवार मन ला हर महीना 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली के फायदा मिल सके हे।
राजनांदगांव म बैटरी स्टोरेज ले रात म घलो काम आही सोलर बिजली
राजनांदगांव म सौर ऊर्जा के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) आधारित प्लांट चलत हे। ए प्लांट के क्षमता करीब 100 मेगावाट हे, जेमे अभी लगभग 40 मेगावाट बिजली उत्पादन होवत हे।
ए परियोजना के खास बात ये हे कि दिन म सोलर पैनल ले बने बिजली ला बैटरी म स्टोर करके जरूरत के समय उपयोग म लाए जा सकत हे। ए ले रात के समय घलो बिजली उपलब्ध कराय म मदद मिलत हे।
अलग-अलग स्रोत ले होवत बिजली उत्पादन
प्रदेश म अक्षय ऊर्जा के अलग-अलग साधन मन ले बिजली उत्पादन होवत हे। एमा घरेलू रूफटॉप सोलर, औद्योगिक ओपन एक्सेस प्लांट, पीएम कुसुम योजना, हाइडल अउ दूसर अक्षय ऊर्जा स्रोत शामिल हे।
350 मेगावाट — घर मन के छत म लगे सोलर प्लांट
1250 मेगावाट — औद्योगिक ओपन एक्सेस प्लांट
120 मेगावाट — राजनांदगांव म बैटरी आधारित प्लांट
21 मेगावाट — पीएम कुसुम योजना
195 मेगावाट — हाइडल प्लांट
130 मेगावाट — दूसर अक्षय ऊर्जा स्रोत
कई योजना ऊपर एक संग चलत हे काम
छत्तीसगढ़ म अक्षय ऊर्जा के उत्पादन बढ़ाय बर कई योजना ऊपर एक संग काम चलत हे। किसान मन बर पीएम कुसुम योजना अउ घर मन के छत म सोलर पैनल लगाय बर पीएम सूर्य घर योजना प्रमुख हे। सोलर एनर्जी शाखा के अधीक्षण यंत्री एन. बिम्बसार के मुताबिक प्रदेश म सोलर अउ दूसर अक्षय ऊर्जा स्रोत ले करीब 2100 मेगावाट बिजली के उत्पादन होवत हे। आने वाले समय म नवा परियोजना अउ कृषि फीडर म सोलर संयंत्र लगाय के माध्यम ले अक्षय ऊर्जा के हिस्सेदारी ला अउ बढ़ाय के दिशा म काम जारी हे।



