RTE के 25 फीसदी सीट के हाईकोर्ट मांगिस पूरा हिसाब, हर स्कूल के खाली अउ भरे सीट के देय पड़ही जानकारी
Chhattisgarh RTE Admission : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ मं निजी स्कूल मं गरीब अउ वंचित वर्ग के लइका मन बर RTE कानून के तहत रखे गे 25 फीसदी सीट ला लेके हाईकोर्ट ह राज्य सरकार ले पूरा जानकारी मांगिस। कोर्ट ह सरकार ला प्रदेश के हरेक स्कूल के अलग-अलग जानकारी के चार्ट पेश करे के निर्देश दे हवय।
ए चार्ट मं ये बताना पड़ही कि RTE के तहत स्कूल मं कतका सीट आरक्षित रहिस, ओमां कतका लइका मन ला दाखिला मिलिस अउ कतका सीट अभी तक खाली रहिगे हवय। ए जानकारी ले प्रदेश मं RTE कानून के असल मं कइसे लागू होवत हवय, एकर साफ तस्वीर सामने आही।
RTE के नियम कागज मं नई, जमीन मं दिखना चाही
मुख्य न्यायाधीश कृष्णा राम महापात्रा अउ न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल के खंडपीठ ह WPPIL No. 22/2016, C.V. Bhagvant Rao बनाम Union of India & Others मामले के सुनवाई करत ये निर्देश दे हवय।
कोर्ट ह राज्य सरकार ला RTE के धारा 12(1)(c) ला लागू करे बर वर्तमान मं चलत SOP समेत एक विस्तृत affidavit दाखिल करे कहे हवय। मतलब सरकार ला कोर्ट के सामने ये बताना पड़ही कि RTE के आरक्षित सीट मं लइका मन ला दाखिला दे के प्रक्रिया का हवय अउ अब तक एकर असल मं का नतीजा निकलिस।
स्कूलवार आंकड़ा ले खुलही पूरा तस्वीर
हाईकोर्ट के सबसे अहम निर्देश स्कूलवार आंकड़ा पेश करे के हवय। ए जानकारी सामने आए के बाद पता चल पाही कि प्रदेश के अलग-अलग निजी स्कूल मं RTE के तहत कतका सीट रखे गे रहिस अउ ओमां कतका सीट मं लइका मन ला प्रवेश मिलिस।
साथे ये घलो साफ हो जाही कि कतका सीट खाली रहिगे हवय। खाली सीट के आंकड़ा सामने आए के बाद पात्र लइका मन ला दाखिला काबर नई मिल पाइस, ए सवाल के जवाब घलो तलाशे जाही।
खाली सीट के कारण घलो बताना पड़ही
अगर कऊनो स्कूल मं RTE के सीट खाली रहिगे हवय, त सरकार ला एकर कारण के जानकारी देनी पड़ सकथे। पात्र लइका मन ला दाखिला काबर नई मिलिस अउ आगे अइसने स्थिति ला रोके बर का व्यवस्था हवय, ए बात घलो कोर्ट के सामने आ सकथे।
मामला मं intervenor विकास तिवारी ह कहिस कि RTE सिरिफ कागज मं लागू होय वाला कानून नई आय। एकर फायदा पात्र लइका मन ला असल मं मिलना चाही। स्कूलवार आंकड़ा सामने आही त प्रदेश मं RTE के नियम के पालन के सही स्थिति पता चलही।
तीन हफ्ता के भीतर सरकार ला देय पड़ही जवाब
हाईकोर्ट ह राज्य सरकार ला विस्तृत affidavit अउ स्कूलवार चार्ट तीन हफ्ता के भीतर दाखिल करे के निर्देश दे हवय। कोर्ट ह ये घलो कहे हवय कि अगली सुनवाई के कम से कम सात दिन पहिली affidavit के कॉपी संबंधित पक्ष के वकील मन ला देय जावय।
अब ए मामला के अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 ला होही। सरकार जब स्कूलवार आंकड़ा कोर्ट मं पेश करही, त ओखर बाद प्रदेश के निजी स्कूल मं RTE के 25 फीसदी आरक्षित सीट, दाखिला अउ खाली सीट के वास्तविक स्थिति साफ हो सकेही।



