फर्जी जाति प्रमाणपत्र ले नौकरी करइया मन के अब खैर नई, बिलासपुर हाईकोर्ट ह 4 महीना म कारवाही करे के दीस निर्देश
Chhattisgarh News : बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ह एक ठन बड़ फैसला सुनावत हुए संबधित अधिकारी मन ला निर्देश दीस है कि फर्जी जाति प्रमाणपत्र के मामला मन के जांच करके चार महीना के भितरी जरूरी कारवाही करे जाय।
जाति प्रमाणपत्र मन के जांच करावे अऊ फर्जी प्रमाणपत्र बनवइया मन के खिलाफ कारवाही करे बर हाई कोर्ट के आदेश के पालन नई होय के सेती एक ठन अवमानना याचिका दायर करे गे रीहीस। एखर ऊपर सुनावई करत हुए कोर्ट ह राज्य सरकार ला चार महीना के भितरी जम्मो शिकायत मन के जांच करके उचित कारवाही करे के निर्देश दीस है। संग च कोर्ट ह याचिकाकर्ता ला संबधित विभाग के अफसर मन के सोझा नवा कसिम से अपन आवेदन (अभ्यावेदन) देहे बर कीस है।
चार महीना म करे बर परही कारवाही आवेदन मिले के चार महीना के भितरी ए पूरा मामला के जांच करके दोषी मन के खिलाफ कारवाही करे बर परही। याचिकाकर्ता जयश्री सिंह पुसाम ह हाई कोर्ट म उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति के अधिकारी मन के ऊपर अदालती आदेश के अनदेखी करे के आरोप लगावत हुए अवमानना याचिका दायर करे रीहीस। सुनावई के बेरा ए बात सामने आईस कि कोर्ट ह पहिली जेकर बर आदेश दे रीहीस, ओखर निराकरण बर कोनो आखिरी तारीख (डेडलाइन) तय नई करे गे रीहीस।
आदेश के बाद घलो नई होईस कोनो कारवाही याचिका म कहे गे है कि अलग-अलग विभाग म बुता (काम) करइया कर्मचारी मन के जाति प्रमाणपत्र के जांच करके उचित कारवाही करे के निर्देश हाई कोर्ट ह 17 जून 2025 को दे रीहीस। याचिकाकर्ता ह आरोप लगाईस कि कोर्ट के आदेश के बाद घलो अफसर मन ह जानबूझ के कोनो कड़ा कदम नई उठाइन। एखर से फर्जी अऊ अपात्र लोगन मन ला आरक्षण के लाभ मिलत है अऊ ओ मन पद म बइठे हैं। एखर से जे मन असल म अनुसूचित जनजाति (ST) के नोनी-बाबू मन हें, ओ मन अपन हक से वंचित होवत हें अऊ फर्जी लोगन मन ओखर हक ला मारत हें।



