छत्तीसगढ़ मा खनिज अउ उद्योग के बड़े डील; मित्तल-अडानी-जिंदल समेत 100 ले जादा उद्योगपति मन बर बिछिस रेड कार्पेट
Industrial Investment : रायपुर। छत्तीसगढ़ ह कहय बर तो छोटे अउ पिछड़े राज्य हे, ऊंहे खनिज के भंडार भरे पड़े हे। इही सेती छत्तीसगढ़ अब बड़े उद्योगपति मन के पहली पसंद बन गे हे। यहाँ पॉवर, कोयला अउ लोहा समेत कई खनिज संपदा हे। बड़े उद्योगपति मन के यहाँ पहिली ले कई ठन प्लांट हें, फेर घलोक नवा उद्योग खोले बर होड़ मचे हे। आदिवासी मन के भारी विरोध के बाद घलोक उद्योगपति छत्तीसगढ़ ल खोदे बर आमादा हें। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, 100 ले जादा उद्योगपति छत्तीसगढ़ मा अपन उद्योग डालना चाहत हें अउ सरकार ह ओ मन ल न्योता घलोक दे हे।
बस्तर मा लगेंगे 6 बड़े उद्योग सबले बड़े बात ये हे कि आर्सेलर मित्तल समेत 6 बड़े उद्योग समूह बस्तर क्षेत्र मा प्लांट लगाय के तैयारी मा हें। बस्तर जउन ह आदिवासी बाहुल्य अउ संवेदनशील क्षेत्र माने जाथे, अब ओहू औद्योगिक निवेश मा आगू आ गे हे। दंतेवाड़ा मा आर्सेलर मित्तल (स्टील), जगदलपुर मा मां दुर्गा आयरन एंड स्टील अउ ग्रीन टेक सोल्यूशन, अउ कांकेर मा बृजधाम इस्पात (ऊर्जा) अउ शंकरा लेटेक्स (फार्मा) प्लांट लगाय के तैयारी मा हें।
अडानी अउ जिंदल के घलोक नजर अडानी समूह ह सरगुजा क्षेत्र मा केमिकल फैक्ट्री बर जमीन मांगे हे। सरगुजा मा पहिली ले ही कोयला के खदान हें, अब अउ नवा प्लांट आय ले औद्योगिक हलचल बाढ़ जाही। ऊंहे, जिंदल समूह के नजर रायगढ़ जिला मा हे, जहाँ ओ मन अपन काम ल अउ बढ़ाना चाहत हें। रायगढ़ ह स्टील अउ पावर सेक्टर के हब आय, फेर घलोक जिंदल ला यहाँ अउ जादा उद्योग लगाना हे।
नवा उद्योग अउ निवेशक मन के लिस्ट:
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अडानी पॉवर/इंटरप्रायजेस: सरगुजा अउ छत्तीसगढ़ (ऊर्जा अउ केमिकल)
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जिंदल पॉवर: रायगढ़ अउ तमनार (ऊर्जा)
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गेल इंडिया लिमिटेड: राजनांदगांव (फर्टिलाइजर)
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जेके लक्ष्मी सीमेंट: दुर्ग (सीमेंट)
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टोरेंट पॉवर: रायगढ़ (ऊर्जा)
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बजरंग पॉवर अउ इस्पात: बेमेतरा (ऊर्जा)
जल, जंगल अउ जमीन बर आदिवासी मन के जंग एक कोती सरकार अउ उद्योगपति एमओयू (MoU) साइन करत हें, त दूसर कोती आदिवासी मन के विरोध जारी हे। आदिवासी मन के कहना हे कि बड़े उद्योग आय ले जल, जंगल अउ जमीन ऊपर असर पड़थे, जेकर सेती ओ मन के रोजी-रोटी अउ पुरखा मन के रहन-सहन प्रभावित होथे। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता मन के आरोप हे कि सरकार ह छत्तीसगढ़ ल उद्योगपति मन के हवाले कर दे हे अउ ओ मन ल आदिवासी मन के कोनो चिंता नइ हे।
सरकार के पक्ष उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के कहना हे कि नई उद्योग नीति आय के बाद निवेशक मन के रुझान बाढ़े हे। 132 उद्योगपति यहाँ उद्योग लगाय बर तैयार हें, जेकर से युवा मन ल रोजगार के नवा मौका मिलही। अब देखे के बात ये हे कि विकास अउ पर्यावरण के बीच संतुलन कइसने बनथे, या फेर ये निवेश ह कोनो बड़े आंदोलन के रद्दा खोलही।



