छत्तीसगढ़ बिजली बनाए मा सबले आघू, फिर भी अतका मंहगा काबर?
Chhattisgarh Electricity Rate Hike 2026 : रायपुर के खबर: बिजली के दर मा 6.23% के बढ़ोत्तरी लागू होए के बाद आम आदमी पार्टी ह करिस जबर विरोध प्रदर्शन। पार्टी ह कहिस— बिजली बनाए मा अब्बड़ आघू राज्य होए के बाद घलो मनखे मन के ऊपर मंहगा बिजली के बोझ डारे जात हे।
बिजली उत्पादन करेइया राज, फिर भी मंहगा बिजली
छत्तीसगढ़ मा बिजली के नवा दर मा 6.23 प्रतिशत के बढ़ोत्तरी लागू होए के पहिली दिन ले ही एकर विरोध सुरू हो गे हे। आम आदमी पार्टी (आप) ह दुर्ग मा प्रदर्शन करके राज्य सरकार के बिजली नीति ऊपर कतको सवाल उठाइन। पार्टी के नेता मन के कहना हे कि छत्तीसगढ़ ह देस के प्रमुख बिजली बनाए वाला (उत्पादक) राज्य मन मा गिने जाथे, जहां कोइला के बड़े-बड़े भंडार, ताप विद्युत अउ जल विद्युत परियोजना मन मौजूद हें। एखर बाद घलो आम जनता के ऊपर लगातार मंहगा बिजली के बोझ बढ़ाए जात हे।
प्रदर्शन के बेरा मा प्रदेश महासचिव वद्दू आलम ह कहिस कि छत्तीसगढ़ बिजली बनाए के मामला मा देस मा सबले आघू हे। यहां परज्याप्त बिजली बने के बाद घलो मनखे मन ला ससता बिजली नहीं मिलत हे। नवा दर के सबले जादा असर घर के उपभोक्ता, किसान, छोटे बइपारी, मजदूर, करमचारी अउ मध्यम वर्ग ऊपर परही। पहिली च ले बढ़त महंगाई के बीच मा बिजली के दाम बढ़ना मनखे मन के घर के बजट ला बिगाड़ के रख दिही।
लगातार तीसरे साल बाढ़ गे बिजली के दाम
दुर्ग जिला के कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ह कहिस कि प्रदेश मा लगातार तीसरे साल बिजली के कीमत ला बढ़ाए गए हे। ओमन आरोप लगाइन कि बिजली के दाम तो बढ़ा दिए जथे, पर मनखे मन ला बिना रुकावट के अउ बढ़िया बिजली नहीं मिल पावत हे। कतको इलाका मा रोज-रोज बिजली गुल होथे अउ तकनीकी समस्या बने रहिथे। सरकार ला बिजली मंहगा करे के बजाय सेवा ला सुधारे मा ध्यान देना चाही।
स्मार्ट मीटर ऊपर घलो उठिस सवाल
पार्टी नेता बलविंदर सिंह ह स्मार्ट मीटर के काम करे के तरीका ऊपर घलो सवाल उठाइस। ओकर कहना रीहिस कि कतको क्षेत्र मा मनखे मन के जादा बिजली बिल आए, बिल मा हेराफेरी अउ मीटर रीडिंग मा गड़बड़ी के सिकायत लगातार आवत हे। सरकार ला ए सब सिकायत मन के जांच करवाना चाही।
पिछले तीन साल मा कतका बाढ़िस बिजली के दाम (दर):
| बछर (साल) | कतका बाढ़िस (%) |
| 2024 | 8.35% |
| 2025 | 1.89% |
| 2026 | 6.23% |
आखिर मा आप पार्टी के कार्यकर्ता मन ह मांग करे हें कि बिजली के बढ़े हुए दर ला तुरंत वापस लिए जाय, नहीं तो एखर से आम जनता के आर्थिक परेशानी ह अउ बाढ़ जाही।



