होम › Chhattisgarh › छत्तीसगढ़ म लागू होइस नवा धर्मांतरण कानून: धर्म बदले के 90 दिन पहली कलेक्टर ला देना पड़ही सूचना
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ म लागू होइस नवा धर्मांतरण कानून: धर्म बदले के 90 दिन पहली कलेक्टर ला देना पड़ही सूचना

WhatsApp Facebook
छत्तीसगढ़ म लागू होइस नवा धर्मांतरण कानून: धर्म बदले के 90 दिन पहली कलेक्टर ला देना पड़ही सूचना

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ह छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य नियम, 2026 लागू कर दे हे। अब धर्म परिवर्तन के पूरा प्रक्रिया ऊपर प्रशासन के नजर रही अउ हर मामला के ऑनलाइन रिकॉर्ड रखे जाही। सरकार के कहना हे कि लालच, दबाव या धोखे ले होए वाले धर्मांतरण ला रोके बर अउ एला पारदर्शी बनाए बर ए नियम ला बनाए गे हे।

धर्म बदले के 90 दिन पहली देना पड़ही सूचना नवा नियम के मुताबिक, यदि कोनो मनखे अपन मर्जी ले धर्म बदलना चाहत हे, त ओला धर्म परिवर्तन के तारीख ले 90 दिन पहली जिला कलेक्टर ला लिखित म सूचना देना पड़ही। आवेदन मिले के बाद प्रशासन ह जांच करही अउ सब प्रक्रिया पूरा होए के बादच धर्म परिवर्तन ला मान्‍यता मिलही।

घर वापसी बर अलग नियम यदि कोनो मनखे अपन मूल या पैतृक धर्म म वापस लौटना चाहत हे, त ओखर बर अलग नियम हे। ओला प्रशासन ला जानकारी देना पड़ही अउ 15 दिन के भीतर जांच पूरा करे जाही। ए म कोनो तीसर पक्ष के सहमति के जरूरत नई राहै।

अलग धर्म म बिहाव बर नियम यदि कोनो मनखे दूसरे धर्म म बिहाव करे बर धर्म बदलना चाहत हे, त ओला बिहाव के कम ले कम 60 दिन पहली कलेक्टर ला सूचना देना जरूरी रही। ए सूचना ला पोर्टल अउ नोटिस बोर्ड म डाले जाही, ताकि 30 दिन के भीतर आपत्ति दर्ज करे जा सके।

आदिवासी क्षेत्र म ग्राम सभा के बड़े भूमिका बस्तर अउ सरगुजा संभाग के आदिवासी क्षेत्र म धर्मांतरण के मामला म ग्राम सभा के भूमिका मुख्य रही। लालच या दबाव म धर्मांतरण के शिकायत मिले म ग्राम सभा अपन रिपोर्ट प्रशासन ला दी, जेखर आधार म पुलिस अउ अधिकारी मन कार्रवाई करहीं।

धर्मांतरण कराए वाला संस्था ऊपर नजर धर्म परिवर्तन कराए वाला संस्था अउ आयोजन बर घलो नियम बने हे। संस्था मन ला 30 दिन पहली रजिस्ट्रेशन कराना पड़ही, जेहा 5 साल बर मान्य रही। प्रशासन ए मन के लेनदेन अउ काम-काज ऊपर नजर रखही।

गलत तरीका ले धर्मांतरण म कड़ा सजा नियम के अनुसार, जबरन या गलत तरीका ले धर्मांतरण कराए म 7 ले 10 साल तक के जेल अउ कम ले कम 5 लाख रुपिया के जुर्माना हो सकत हे। मामला माईलोगन या लइका मन ले जुड़े हे, त 10 ले 20 साल तक के सजा के प्रावधान हे। वहीं डरा-धमका के या लालच देके धर्म बदलवाए म 30 लाख रुपिया तक के जुर्माना लग सकत हे।

🔴
OneCG एक्सक्लूसिव रिपोर्ट OneChhattisgarh.Com
दोस्तों के साथ साझा करें
Editor
लेखकEditor
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)