छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवा प्रभारी सुखदेव भगत के सामने बड़े चुनौती, 2028 ले पहिली संगठन ला मजबूत करे के होही काम
Chhattisgarh Congress Incharge : रायपुर। छत्तीसगढ़ म 2028 के विधानसभा चुनाव ला देखत कांग्रेस अपन संगठन ला मजबूत करे म जुट गे हे। कांग्रेस के हाईकमान झारखंड के लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ला छत्तीसगढ़ के नया प्रभारी बनाए हे। सुखदेव भगत आदिवासी समाज ले आथें। अइसन म कांग्रेस के नजर बस्तर अउ सरगुजा जइसन आदिवासी बहुल इलाका म पार्टी के पकड़ मजबूत करे ऊपर हे। फेर छत्तीसगढ़ पहुंचते ही सुखदेव भगत के सामने सबसे बड़े काम पार्टी के भीतर चलत गुटबाजी ला कम करना अउ नेता-कार्यकर्ता मन ला एकजुट करना होही।
कांग्रेस के भीतर के खींचतान ला दूर करना होही
पिछला विधानसभा चुनाव म सत्ता गंवाय के बाद कांग्रेस लगातार अपन संगठन ला फेर मजबूत करे के कोशिश करत हे। प्रदेश कांग्रेस म अलग-अलग गुट अउ नेता मन के अपन-अपन खेमे हवंय। अइसन म सुखदेव भगत बर सबके बीच तालमेल बिठाना पहिली चुनौती रहिही।
कहाय जात हे कि अपन पहिली छत्तीसगढ़ दौरा म सुखदेव भगत सिर्फ बड़े नेता मन के संग बैठक करके वापस नइ जाहीं। वो पूर्व मंत्री, विधायक, जिला अध्यक्ष अउ जमीनी कार्यकर्ता मन ले मिलके पार्टी के असली हालत समझे के कोशिश कर सकथें।
बस्तर अउ सरगुजा म बढ़ाना होही पार्टी के पकड़
2028 के चुनाव बर बस्तर अउ सरगुजा कांग्रेस के नजर म बहुत जरूरी इलाका हवंय। बस्तर म पिछला चुनाव के बाद राजनीतिक हालत म बदलाव आय हे। ओहीच, सरगुजा इलाका म भाजपा के पकड़ मजबूत होय हे।
सुखदेव भगत खुद आदिवासी समाज ले हवंय अउ झारखंड के लोहरदगा सीट ले सांसद हवंय। वो झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के जिम्मेदारी घलो संभाल चुके हवंय। अइसन म कांग्रेस ला उम्मीद हे कि उनके अनुभव के फायदा छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाका म मिलही।
सुखदेव भगत के राजनीतिक सफर म कई मोड़ आय हे
सुखदेव भगत के राजनीतिक सफर म कई उतार-चढ़ाव देखे बर मिलिस। साल 2019 म वो भाजपा म चले गे रहिन, फेर बाद म कांग्रेस म वापस आ गिन। साल 2022 म कांग्रेस म वापसी के बाद पार्टी म अलग-अलग जिम्मेदारी मिलिस। साल 2024 के लोकसभा चुनाव म वो लोहरदगा सीट ले जीत के संसद पहुंचिन।
अब कांग्रेस हाईकमान ह उनला छत्तीसगढ़ के जिम्मेदारी देके 2028 के चुनाव बर संगठन ला मजबूत करे के जिम्मा सौंपे हे।
प्रदेश संगठन म फेरबदल के चर्चा
सुखदेव भगत के नया प्रभारी बने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठन म फेरबदल के चर्चा घलो शुरू हो गे हे। जिला अध्यक्ष मन ले लेके प्रदेश संगठन के कुछ पद म बदलाव होय के अटकलबाजी चलत हे।
हालांकि, संगठन म बदलाव के बारे म आखिरी फैसला कांग्रेस हाईकमान अउ प्रदेश के बड़े नेता मन के चर्चा के बाद ही होही। पार्टी अब अइसन कार्यकर्ता अउ नेता मन ला आगे लाना चाहत हे, जेन मन जमीन म सक्रिय हवंय अउ संगठन ला मजबूत कर सकथें।
पहिली दौरा म समझिहीं संगठन के असली हालत
सुखदेव भगत के पहिली दौरा कांग्रेस बर काफी महत्वपूर्ण माने जा रहिस। वो प्रदेश म पार्टी के भीतर के गुटबाजी, कार्यकर्ता मन के नाराजगी अउ संगठन के जमीनी हालत ला समझे के कोशिश कर सकथें।
संग म बस्तर अउ सरगुजा म कांग्रेस के संगठन कतका मजबूत हे, कार्यकर्ता मन कतका सक्रिय हवंय अउ 2028 बर कऊन-कऊन नवा चेहरा ला मौका दिए जा सकथे, ए बात के जानकारी घलो जुटाए जा सकथे।
अगर सुखदेव भगत पार्टी के भीतर के खींचतान ला कम करके सब नेता-कार्यकर्ता मन ला एक संग लेके चल पाइन, त 2028 के चुनाव बर कांग्रेस ला फायदा मिल सकथे। अब देखे के बात ये होही कि वो छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर के पुराना गुटबाजी ला कतका दूर कर पाथें।


