उधारी के 5 करोड़ ले कोयला घोटाला के नेटवर्क तैयार करे के आरोप, चार्जशीट मं बड़े खुलासा
सूर्यकांत तिवारी ऊपर 500 करोड़ के घोटाला के आरोप, व्हाट्सएप बातचीत मं तत्कालीन सीएम के जानकारी होय के जिक्र
Chhattisgarh Coal Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामला मं ईओडब्ल्यू के चार्जशीट ले कई अहम जानकारी सामने आए हे। चार्जशीट के मुताबिक, कोयला लेवी के अवैध वसूली के व्यवस्था तैयार करे बर शुरुआत मं 5 करोड़ रुपिया उधार लिए गे रहिस। जांच एजेंसी के आरोप हे कि ए रकम ले नेटवर्क तैयार करे गे, जऊन आगू चलके करीब 500 करोड़ रुपिया के घोटाला ले जुड़िस। ए रकम भिलाई के पप्पू बंसल ले लिए गे रहिस अउ रायपुर मं सूर्यकांत तिवारी ला दिए गे रहिस।
चार्जशीट मं कोल वाशरी मं कार्रवाई के जानकारी, तत्कालीन अफसर मन के व्हाट्सएप बातचीत अउ कोयला परिवहन के प्रक्रिया मं करे गे बदलाव के घलो जिक्र हे। जांच एजेंसी के मुताबिक, ए पूरा मामला मं कई अफसर मन के भूमिका के जांच करे गे हे।
उधारी के 5 करोड़ ले तैयार होइस वसूली के व्यवस्था
चार्जशीट के मुताबिक, निखिल चंद्राकर साल 2014-15 ले सूर्यकांत तिवारी के साथ काम करत रहिस। ओहा सूर्यकांत के परिवार के आयकर, संपत्ति, किराया अउ दूसर वित्तीय कामकाज देखत रहिस।
जांच मं सामने आए जानकारी के मुताबिक, मई-जून 2020 के दौरान कोयला परिवहन ले नकदी जमा करे के व्यवस्था शुरू करे के तैयारी चलत रहिस। एखर बर कार्यालय, गाड़ी, कर्मचारी अउ जिला स्तर मं रकम इकट्ठा करे के व्यवस्था बनाय के जरूरत रहिस।
नवनीत तिवारी अपन बयान मं बताए रहिस कि ओहा अउ निखिल चंद्राकर भिलाई गे रहिन। उहाँ पप्पू बंसल ले 5 करोड़ रुपिया नकद लिए गे रहिस। ए रकम ला रायपुर लाके सूर्यकांत तिवारी ला देय के बात बयान मं कही गे हे। जांच एजेंसी के मुताबिक, ए रकम के संबंध कोयला लेवी के शुरुआती व्यवस्था तैयार करे मं होय खर्चा ले जुड़त हे।
व्हाट्सएप बातचीत मं सीएम के जानकारी होय के जिक्र
चार्जशीट मं जून 2019 मं कोरबा जिला के कोल वाशरी मं करे गे संयुक्त कार्रवाई के घलो जिक्र हे। तत्कालीन खनिज सचिव पी. अंबलगन अउ तत्कालीन आईएएस अनिल टुटेजा के बीच 15 जून 2019 के व्हाट्सएप बातचीत ला जांच मं महत्वपूर्ण बताए गे हे।
चार्जशीट के मुताबिक, कोरबा के प्रमुख कोल वाशरी मं एक साथ औचक जांच करे के योजना बनाय गे रहिस। ए कार्रवाई मं खनिज, राजस्व, पुलिस, पर्यावरण अउ औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल रहिन। कोयला के भंडारण, दस्तावेज, मासिक विवरण, वाहन अउ वास्तविक स्टॉक के जांच करे गे रहिस।
जांच के बाद कारण बताओ नोटिस जारी करे, सीलबंदी, वाहन जब्त करे अउ अर्थदंड लगाए जइसन कार्रवाई करे गे रहिस।
व्हाट्सएप बातचीत मं पी. अंबलगन द्वारा मुख्यमंत्री तक जानकारी पहुंचाय के बात कहे के बाद अनिल टुटेजा के जवाब मं अंग्रेजी मं “HCM is aware of it” लिखे के उल्लेख हे। एखर मतलब हे कि मुख्यमंत्री ला ए बारे मं जानकारी हे। ईओडब्ल्यू के चार्जशीट मं ए बातचीत के आधार पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ला कार्रवाई के जानकारी होय के आरोप के जिक्र हे। हालांकि, ए बात ला चार्जशीट मं दर्ज आरोप अउ जांच के निष्कर्ष के रूप मं देखे जाना चाही।
कोयला परिवहन के प्रक्रिया मं करे गे बदलाव
चार्जशीट मं कोयला परिवहन के अनुमति प्रक्रिया मं बदलाव के घलो जिक्र हे। 15 जुलाई के खनिज संचालनालय ले एक आदेश जारी करे गे रहिस। आदेश मं ऑनलाइन ई-परमिट व्यवस्था ला बंद नइ करे गे रहिस, लेकिन ई-परमिट जारी होय के पहिली संबंधित जिला खनिज अधिकारी द्वारा डीओ के जांच अउ मंजूरी जरूरी कर दे गे रहिस।
पहिली रॉयल्टी अउ दूसर जरूरी राशि जमा होय के बाद ऑनलाइन ई-परमिट जारी हो जात रहिस। नवा व्यवस्था मं जिला खनिज अधिकारी के मंजूरी के एक अउ चरण जोड़ दे गे रहिस।
जांच के दौरान अनुराग दीवान ला आदेश के एक प्रारूप दिखाय गे, जेमा हाथ ले काट-छांट अउ संशोधन करे गे रहिस। अनुराग दीवान ए बदलाव मन ला अपन लिखावट के बताए रहिन। बयान के मुताबिक, ओमन कहिन कि समीर विश्नोई के बताए जगह मं संशोधन करे गे रहिस।
ईओडब्ल्यू के आरोप के मुताबिक, कोयला परिवहन के प्रक्रिया मं करे गे ए बदलाव अवैध वसूली के व्यवस्था ले जुड़ल रहिस। चार्जशीट मं तत्कालीन आईएएस समीर विश्नोई अउ कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू के भूमिका के घलो जिक्र हे।
चार्जशीट मं कई कड़ी जोड़े गे
ईओडब्ल्यू के चार्जशीट मं शुरुआती रकम के व्यवस्था, कोल वाशरी मं कार्रवाई के जानकारी अउ कोयला परिवहन के अनुमति प्रक्रिया मं बदलाव जइसन अलग-अलग घटनाक्रम ला जोड़े गे हे। जांच एजेंसी के मुताबिक, ए सब्बो घटनाक्रम कोयला लेवी के कथित अवैध वसूली के नेटवर्क के जांच मं महत्वपूर्ण हें।
मामला मं सामने आए आरोप अउ बयान के अंतिम कानूनी स्थिति अदालत के विचार अउ फैसला के अधीन रहिही।



