सीजीएमएससी के बड़े फैसला! 11 दवई मन तीन बछर बर ब्लैकलिस्ट, कंपनी मन ऊपर कोई रोक नई
CGMSC-Medicine-Blacklist : रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन (CGMSC) ह एक बड़का फैसला लेवत हुए 11 दवई अउ इंजेक्शन मन ल तीन बछर (साल) बर ब्लैकलिस्ट कर देहे हे। बताए जात हे कि दवई कंपनी मन ह समे (समय) पर ए मन के सप्लाई नई करे रहिन, जेकर सेती ए कार्रवाई करे गेहे। हालांकि, कंपनी मन ऊपर कोई रोक नई लगाए गेहे, काबर कि अइसन कोई नियम नई हे। अचरज के बात ये हे कि दवई कॉर्पोरेशन ह ए बछर दवई मन के क्वालिटी खराब निकले (गुणवत्ताविहीन) ऊपर कोई कार्रवाई नई करे हे।
दवई मन के क्वालिटी ऊपर पहिली घलो उठ चुके हे सवाल
सीजीएमएससी कोति ले सरकारी अस्पताल मन में सप्लाई होय ए दवई मन के क्वालिटी ऊपर पहिली घलो कतको घाव सवाल उठ चुके हे। बीते बछर 660 करोड़ रुपिया के रीएजेंट अउ मेडिकल सामान घोटाला म सामिल ‘मोक्षित कॉर्पोरेशन’ समेत 7 कंपनी मन ल बाहर के रस्ता दिखाए गे रहीस। पर ए घव सिर्फ दवई (प्रोडक्ट) मन ल ब्लैकलिस्ट करे गेहे।
ए बड़का घोटाला म ओ समे के हेल्थ डायरेक्टर अउ सीजीएमएससी के एमडी ऊपर अभी तक कोई कार्रवाई नई होए हे, जबकि दवई अउ सामान खरीदे के सीधा जिम्मा ओखरे मन करा रहीस। विधानसभा म मिले जानकारी के मुताबिक, 28 करोड़ के रीएजेंट खराब हो चुके हे अउ मोक्षित कंपनी के सप्लाई करे ब्लड जांचे के मशीन घलो बंद पड़े हे।
हाईकोर्ट ह लगाए रहीस 25 हजार के जुर्माना, इंजेक्शन 3 बछर बर ब्लैकलिस्टेड
बीते बछर जुलाई म हाईकोर्ट ह ‘डिवाइन लेबोरेटरी’ ऊपर 25 हजार रुपिया के जुर्माना लगाए रहीस। ए कार्रवाई घटिया ‘हिपेरिन इंजेक्शन’ के सप्लाई करे ऊपर करे गे रहीस। कंपनी ह इंजेक्शन ल 3 बछर बर ब्लैकलिस्ट करे के सीजीएमएससी के आदेश ल हाईकोर्ट म चुनौती दे रहीस, फेर कोर्ट ह कंपनी के याचिका ल खारिज करत हुए जुर्माना ठोक दीस।
बता दन कि हिपेरिन इंजेक्शन ह गाढ़ा खून ल पतला करे बर लगाए जाथे। कार्डियोलॉजी विभाग ह पहिली च चिट्ठी लिख के बता दे रहीस कि ए इंजेक्शन एकदम घटिया हे अउ मरीज मन के जान बर खतरा बन सकत हे।



