उत्तर-मझोला छत्तीसगढ़ मं ठंडी के कड़क पहर: अंबिकापुर 7.5°C मं ठिठुरिस, सड़क-गली मं अलाव के सहारा; दकन बस्तर ले उठत मलेरिया के भारी खतरा
रायपुर. छत्तीसगढ़ के उत्तर अउ मझोला हिस्सा मं ठंड अपन पूरा तेवर दिखाय बर लग गे हवय। अंबिकापुर मं पारा 7.5°C तक लहुट गेय, जेकर से पूरा शहर अउ लगे-लगी के गांव मं सीतलहर के असर बियापक दिखत हवय।
पहाटे ले हवा अइसन चलत हवय के लोग घर ले बाहिर निकले हिम्मत नई कर पावत। कई जगह मन मं स्कूल जावत बच्चा मन के हाथ-पांव तक अकड़ जा थंय। दुकानदार मन सुबह दुकान खोले के पहिली अलाव तापथें।
नगर निगम, समाजिक संगठन अउ मोहल्ला समिति मन शहर के चौक-चौराहा, बस स्टैंड, अस्पताल के बाहिर अउ भीड़ वाले जगह मं रात-बेरा अलाव के व्यवस्था कर दे हें। लोगन मन जथे-तथे अलाव मं हाथ तापत, गरमी ले राहत लेवत नजर आथें।
मौसम विभाग का अनुमान:
मौसम विभाग कहिथे के अभी 48–72 घंटा ले और ठंड बढ़ै के संभावना हवय।
सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर मं बर्फीली हवा जोर ले चले ला।
बिलासपुर अउ रायपुर संभाग मं धुंध गाढ़ होवत हवय, द्रुतगति वाहन चालक मन ला बिपत बने हवय।
ग्रामीण इलाका मं रतिहा बेरा तापमान ह अउ नीच गिरत दिखत हवय।
दक्षिण बस्तर मं मलेरिया के डर अउ बढ़िस
दूसर पखरा, दक्खिन बस्तर—सुकमा, दंतेवाड़ा अउ बीजापुर जिलामं ठंड बेरा अलगच चिंता बने हवय।
दिन-रात के तापमान के भारी अंतर सेति मलेरिया मच्छर जियादा सक्रिय हो गेय हें।
बारिश कम होए, पानी के जमाव वाले इलाका मं मच्छर तेजी ले पनपथें।
स्वास्थ्य विभाग के तैयारी:
- गांव-गांव मं मलेरिया स्क्रीनिंग अभियान तेज करे गे हवय।
- स्वास्थ्य टीम मन रोज सुबह गांव पहुँचके ब्लड स्लाइड, रैपिड टेस्ट करथें।
- जे घर मं मलेरिया के पुराना केस रहिस, तहां टेस्टिंग के आवृत्ति बढ़ा दे गे हवय।
- स्कूल अउ आंगनबाड़ी मं जागरूकता बैठक कराके जालरी (मच्छरदानी) के उपयोग समझाय जाथे।
डॉक्टर मन कहत हें के जउन इलाका नदी-नाला, जंगल-बाड़ी अउ टुकुर-टुकुर बस्ती मं हे, तहां संक्रमण के संभावना और जियादा हवय।
कुल मिलाके प्रदेश के दो कोन मं अलग-अलग संकट
उत्तर-मझोला हिस्सा: ठंड ले जन-जीवन प्रभावित, लोग घर-डेर मं सिमटे, अलाव के सहारा।
दक्खिन हिस्सा: स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद, मलेरिया के फैलाव के डर से गांव-गांव निगरानी।
छत्तीसगढ़ के मौसम अउ स्वास्थ्य दूनों मोर्चा मं हालत बदलत दिखत हवय।
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