छत्तीसगढ़ म स्कूल नई जाने वाले लइका मन देस म सबले जादा, अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय लावत हे ए पायलट प्रोजेक्ट
CG School Dropouts Ministry of Education Scheme : रायपुर। छत्तीसगढ़ देस के ओ राज्य मन म सामिल हे, जहां के जादातर लइका मन स्कूल जाना पसंद नहीं करंय। ए आदत ला देख के चिंतित केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ह एक नवा स्कीम लावत हे अउ जतके बेग हो सके एला ओ जिला मन म लागू करे जाही, जहां लइका मन शिक्षा के मुख्य धारा ले जुर नहीं पावत हैं।
100 म ले सिरिफ 62 लइका ही कक्षा 12वीं तक पहुंच पावत हैं
रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ह 14 ले 18 साल के उम्मर के ओ लइका मन ऊपर अपन फोकस करे हे, जेमन शिक्षा ले बंचित हैं या स्कूल म रोज नहीं आवत हैं। स्कूली शिक्षा अउ साक्षरता बिभाग (डीओएसईएल) के सचिव संजय कुमार ह ए गंभीर बिसय म एक बड़े बैठक बुलाय रहीन। बैठक म छत्तीसगढ़ के संग अउ दूसर राज्य के अधिकारी मन घलो सामिल रहीन। बैठक म लइका मन ला शिक्षा के मुख्य धारा ले जोड़े के उपाय मन ऊपर गोठ-बात करीस अउ पायलट योजना ला साझा करके सुझाव घलो मांगिस।
पायलट योजना ला सबले पहिली ओ जिला मन म लागू करे जाही, जहां स्कूल नहीं जइया लइका मन के गिनती सबले जादा हे। अभी एमा ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश अउ दिल्ली के जिला मन सामिल हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ह कहिस कि हाल म नवा योजना ला देसभर के 10 जिला म लागू करे जाही। ए योजना म सामिल होइया राज्य मन संग ‘प्रतिबद्धता ज्ञापन’ (एमओसी) ऊपर दसतखत करे जाही। मंत्रालय के कहना हे कि ए जिला मन के नतीजा ला देख के बाकी जिला मन म घलो बारी-बारी ले योजना ला आगू बढ़ाय जाही। राज्य मन ला जादा ले जादा अउ सही आंकड़ा दे बर कहे गे हे।
बैठक म ए बात ऊपर जोर दे गिस कि कोनो घलो लइका शिक्षा प्रणाली ले बाहर झन रहय अउ सबो लइका मन ला कौशल बिकास के मौका मिले, जेकर ले ओकर मन के भबिस्य अउ सुग्घर हो सकय। बैठक म डीओएसईएल के संयुक्त सचिव श्रीमती प्राची पांडे, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के अध्यक्ष प्रोफेसर अखिलेश मिश्रा, सचिव कर्नल शकील अहमद, शिक्षा मंत्रालय के बड़े अधिकारी अउ जिला कलेक्टर/ जिला मजिस्ट्रेट मन सामिल रहीन।
सचिव संजय कुमार ह ए गंभीर समस्या ऊपर फोकस करत कहिन कि कक्षा पहिली म दाखिला लेवइया हर 100 लइका मन म ले सिरिफ 62 लइका ही कक्षा 12वीं तक पहुंच पावत हैं। ए करन ए योजना ला 14 ले 18 साल के लइका मन ऊपर फोकस करके बनाय गे हे। एकर पाछू लइका मन के घर के आर्थिक मजबूरी, घरेलू जिम्मेदारी अउ रोजी-रोटी के चुनौती मन ला बड़े कारन माने गे हे। शिक्षा मंत्रालय के कोसिस हे कि हर लइका कम से कम माध्यमिक अउ उच्च माध्यमिक स्तर के पढ़ाई पूरा कर सकय।
स्कूल छोड़इया लइका मन के होही पहिचान
रायपुर। तय करे गे योजना के मुताबिक ओ लइका मन के पहिचान करे जाही, जेमन बीच म ही स्कूल जाना छोड़ दे हें। संयुक्त सचिव श्रीमती प्राची पांडे ह कहिन कि स्कूल नहीं जइया लइका मन के समस्या ला मिशन मोड म सुलझाय जावत हे। ओमन जोर दे के कहिन कि ए कोसिस म डेटा के अधार ऊपर काम करे जाही, जेकर ले आखिरी छोर तक पहुंचे म मदद मिलिही। लइका मन के सही पहिचान, दाखिला अउ ओमन ला स्कूल म बनाय रखे बर राज्य, जिला अउ स्थानीय स्तर ऊपर अलग-अलग बिभाग मन के बीच तालमेल होना बहुते जरूरी हे।
एकर अलावा, ए घलो बताय गिस कि योजना के सुरू होय ले पहिली, तैयारी ले जुड़े काम जइसे एनआईओएस फैसिलिटेटर्स के नामांकन, स्टार्टर किट के बंटई, सुरूआती सरवे अउ लइका मन के सुरूआती दाखिला ला पूरा करना जरूरी होही। एनआईओएस के अध्यक्ष प्रोफेसर अखिलेश मिश्रा ह मानिन कि सबले बड़े चुनौती ओ लइका मन तक पहुंचे के हे, जेमन शिक्षा प्रणाली ले कट गे हें। ओमन ए कोसिस ला शिक्षा के अइसन ‘जन-आंदोलन’ कहिन, जेकर उददेस लइका अउ युवा मन ला पढ़ाई के अवसर मन ले फिर ले जोड़ना हे।



