गुंडा लिस्ट मं 152 नवा नाम जुड़िस: जवान लइका-जवानी अपराध के नवा चेहरा बनत; तीन बछर ले मोहल्ला गैंगिंग ले लइके हथियार तक के केस चढ़त

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के कई शहर–कस्बा मं अपराध ऊपर नकेल कसय बर पुलिस जिला-दर-जिला नवा गुंडा लिस्ट अपडेट करिस। इस नवा लिस्ट मं 152 नवा अपराधी तत्व मन के नाम जोड़े गे हें।

सबले बड़ी बात ये आय के लिस्ट मं जियादा संख्या 19 ले 25 बछर के जवान मन के हवय। पुलिस अधिकारी मन कहत हें के ये आय समाज बर खतरनाक ट्रेंड—जवानी अब गलत संगत ले अपराध के रस्ता मं बहक दिस।

अपराध के पैटर्न साफ दिखत – तीन बछर ले लगातार बढ़त

पुलिस अभिलेख ले जऊन बात साफ-साफ निकले, वो ये आय—

इन 152 मं ले जियादातर आरोपी मन 3 बछर ले लगातार छोट-बड़ अपराध मं जुड़े रहिन।

कुछ मन हल्का अपराध ले सुरु करिन,

जइसे —

  • मोहल्ला मं गुटबाजी
  • झगड़ा–मारपीट
  • नशा पीके हंगामा

फिर धीरे-धीरे अपराध के दायरा बढ़िस:

  • झपट्टा मारई
  • मोबाइल–चोरी
  • बाइक–चोरी
  • अवैध वसूली
  • हथियार दिखाके डर देखाय
  • नशा वितरण के लिंक

पुलिस कहत हे—“इन मन के अपराध के तीव्रता हर बछर बढ़े हवय।”

कई आरोपी मन के ऊपर 4–8 तक केस, कुछ मन भगोड़ा घलो

रिपोर्ट मं ये बात घलो सामने आय के 152 मं ले|26 आरोपी मन के ऊपर 5+ मामला, 8 आरोपी भगोड़ा, 12 आरोपी गैंग के सक्रिय सदस्य, कई मन नाबालिग के रूप मं अपराध सुरु करे रहिन, इन मन मं से कुछ मन के ऊपर आर्म्स एक्ट, लूट, नशा तस्करी तक के केस घलो दर्ज हें।

पुलिस अब जरोर सख्ती मोड मं

लिस्ट जारी होते ही पुलिस मन एक-साथ कई मोर्चा खोले हें:

  • रात गश्त दोगुना
  • संवेदनशील इलाका मं पैदल पेट्रोलिंग
  • गैंग पॉकेट मं दबिश
  • हिस्ट्रीशीटर मन के मूवमेंट मॉनिटरिंग
  • सीसीटीवी सर्विलांस बढ़ाना

थाना प्रभारी मन ला निर्देश जारी होइस के—

“जऊन युवक हिस्ट्रीशीटेड या संदिग्ध हवय, ओकर गतिविधि ला रोज अपडेट करा जाव।”

परिजन घलो परेशान—पुलिस करावत हे काउंसलिंग

इस लिस्ट जारी होए के बाद कई आरोपी मन के परिवार थाना पहुँचे। कई घरवाला रोवत मिले—

“लइका गलत संगत मं पर गीस।”

“नशा के आदत ले बिगड़ गीस।”

“काम-काज नई मिलिस, गुमराह होइस।”

पुलिस अब

काउंसलिंग + नशा मुक्ति + रोजगार सलाह

जइसन तीन स्तर के सुधार योजना बनावत हवय, जइस ले जवान मन ला अपराध के रस्ता ले हटाय जा सके।

मोहल्ला–स्तर के गैंगिंग अब सबसे बड़ा सिरदर्द

पुलिस के मुताबिक अब अपराध परंपरागत रूप मं नई,

छोटका मोहल्ला गैंग मं बदले जात हवय।

3–8 लइका मिलके छोट-बड़ काम करथें।

ये गैंग ले पुलिस–प्रशासन दोनों परेशान हें।

लिस्ट अब 3 साल मं सबसे बड़ी बढ़त ले पहुंचिस

पुलिस कहत हे — “अब एक वी गुंडा छूटे नई, निगरानी पूरा कड़ा होही।”

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