छत्तीसगढ़ म आरक्षक भर्ती रद्द करे से हाईकोर्ट के इनकार, 129 संदेही मनके जांच करे के निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ म आरक्षक (सिपाही) भर्ती परीक्षा ला पूरा रद्द करे के मांग करत याचिकाकर्ता मनला हाईकोर्ट से बड़ झटका लगे हे। हाईकोर्ट ह आरक्षक भर्ती प्रक्रिया ला पूरा तरीका से रद्द करे से साफ मना कर दे हे। डिवीजन बेंच ह कहिस कि, कुछ उम्मीदवार मनके गड़बड़ी के सेती पूरा भर्ती प्रक्रिया ला रद्द करना बिल्कुल घलो सही नोहे। ये मामला के सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा अउ जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के डिवीजन बेंच म होईस।
भर्ती रद्द नई होही, संदेही मनके होही जांच
हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ह भर्ती प्रक्रिया ला रद्द करे के याचिका ला खारिज कर दे हे। कोर्ट के कहना हे कि कुछेक झन के गलती के सजा सबला नई मिलनी चाही। कोर्ट ह अब ओ 129 संदेही उम्मीदवार मनके कोनो बड़े पुलिस अधिकारी से जांच करावे के निर्देश दे हे, जिनकर ऊपर गड़बड़ी करे के संसो (शक) हे।
का हे पूरा मामला?
बता दन कि बिलासपुर के रहइया याचिकाकर्ता विवेक दुबे, मनोहर पटेल, मृत्युंजय श्रीवास अउ अश्वनी कुमार ह बिलासपुर केंद्र म शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) के बखत गड़बड़ी होए के अउराप लगात भर्ती ला चुनौती दे रिहिन। याचिकाकर्ता मनके कहना रिहिस कि लंबी कूद, गोला फेंक अउ दौड़ म हेर-फेर करे गे हे। ओमन भर्ती ला रद्द करके सीबीआई (CBI) जांच के मांग करत रिहिन।
बाकी, हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ह सिंगल बेंच के फैसला ला सही ठहरात याचिका मनला खारिज कर दिस। कोर्ट ह कहिस कि जेमन गड़बड़ी करिन हे, ओमनला अलग करे जा सकत हे, त अइसन म निरपराध उम्मीदवार मनके नुकसान नई होना चाही। पूरा भर्ती ला रद्द करना गलत होही।
हाईकोर्ट ह मानिस कि ये कोनो बहुत बड़े पैमाना म सोचे-समझे भ्रष्टाचार के मामला नोहे। विभाग ह खुद गड़बड़ी मिले म जांच करे हे, एखरे सेती सीबीआई जांच के कोनो जरूरत नई हे। कोर्ट ह निर्देश दे हे कि एसपी डहर ले चिन्हित 129 संदेही मनके जांच कोनो सीनियर पुलिस अधिकारी से कराए जाय। अगर ओमन दोषी पाथें, त ओमनला सफाई देके मौका देके बाद ओमनके नौकरी (नियुक्ति) ला रद्द करे जाय।


