बजट 2026 : वित्त मंत्री के पोटली ले का निकलही? मिडिल क्लास मन ल हे बड़का आस
नई दिल्ली। हर साल जइसे ही फरवरी के महिना आथे, देश के करोड़ों नौकरीपेशा अउ मध्यम वर्गीय परिवार मन के नजर सिरिफ़ एक ही कोती रहिथे—वित्त मंत्री के बजट भाषण। 1 फरवरी 2026 के पेश होय वाला मोदी सरकार 3.0 के तीसरा पूर्ण बजट ह सिरिफ़ आंकड़ा के खेल नई हे, बल्कि ये ह आम आदमी के जेब अउ ओखर बचत के भविष्य तय करही।
छत्तीसगढ़िया मन बर ये बजट काबर खास हे, आओ जानथन:
पुराना टैक्स सिस्टम वाले मन के दरद
बीते साल सरकार ह ‘नवा टैक्स रिजीम’ (New Tax Regime) ल जादा भाव दे रहिस, जेखर से 12 लाख तक के कमाई ह टैक्स-फ्री हो गे रहिस। फेर जउन मन आज घलो ‘पुराना टैक्स सिस्टम’ मा हें, ओ मन अपन आप ल ठगे महसूस करत हें।
80C के सीमा: पुराना सिस्टम मा मनखे मन पीएफ अउ बीमा मा पइसा बचाथें। ओ मन के मांग हे कि 80C के 1.5 लाख के सीमा ल बढ़ा के कम से कम 2 लाख करे जाय।
छूट के सीमा: अभी घलो 2.5 लाख तक के कमाई मा ही छूट हे, जेला बढ़ाए के आस मिडिल क्लास लगाय बइठे हे।
घर अउ दवाई के खरचा मा राहत के मांग
आज के महंगाई मा घर खरीदना अउ बीमारी के इलाज कराना सबसे बड़ चुनौती बन गे हे। टैक्सपेयर्स मन के कहना हे कि:
होम लोन: होम लोन के ब्याज मा मिलइया 2 लाख के छूट अब घर के बढ़त कीमत के आगू कम हे, एला बढ़ाना जरूरी हे।
नवा सिस्टम मा घलो मिले छूट: मिडिल क्लास चाहत हे कि अगर सरकार नवा टैक्स सिस्टम ल ही चालू रखना चाहत हे, त ओमा कम से कम स्वास्थ्य बीमा अउ होम लोन मा टैक्स छूट के सुविधा देवे।
नियम ल सरल बनाय के उम्मीद
आम आदमी सिरिफ़ टैक्स कटौती नई, बल्कि नियम मन के झंझट ले घलो मुक्ति चाहत हे। अक्सर रिटर्न भरे के बाद रिफंड बर लंबा इंतजार करना पड़थे। 1 अप्रैल ले नवा ‘Income Tax Act 2025’ लागू होय के तैयारी हे, अइसन मा लोगन मन ल उम्मीद हे कि:
कैपिटल गेन टैक्स: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड अउ प्रॉपर्टी के अलग-अलग नियम मन ल सरल करे जाय।
टैक्स ईयर: असेसमेंट ईयर के जगह ‘टैक्स ईयर’ के बात चलत हे, जेखर से टैक्स भरे मा आसानी होही।