बीएसपी मं लोहा-स्क्रैप चोरी के मामला अब सीबीआई के हाथ, 250 टन स्क्रैप बरामदगी के बाद बढ़ही जांच के दायरा
BSP Scrap Theft Case : भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) मं कथित लोहा-स्क्रैप चोरी के मामला मं अब जांच के दिशा बदल गे हे। राज्य सरकार के सहमति के बाद अब ए प्रकरण के जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई करही। 250 टन स्क्रैप बरामदगी ले शुरू हुए ए मामला के जांच अब अउ गहराई तक पहुंच सकथे।
पुलिस जांच के बाद अब सीबीआई करही पड़ताल
राज्य सरकार के सहमति मिलते ही बीएसपी के लोहा चोरी प्रकरण मं सीबीआई जांच के रास्ता साफ हो गे हे। पुलिस जांच के दौरान बीएसपी ले कथित रूप ले चोरी करे गे स्क्रैप ला बाहर निकाले, वाहन के जरिए ले जाए अउ रसमड़ा के एक औद्योगिक इकाई मं खपाए जाए के संबंध मं कई जानकारी सामने आए के बात कही गे रहिस।
ए मामला के शुरुआत अकलोरडीही खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स ले करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद होए के बाद होइस।
अब तक 21 लोग गिरफ्तार
पुलिस ए मामला मं स्क्रैप के संग कई वाहन अउ मशीन घलो जब्त करे रहिस। जांच आगे बढ़े के बाद कार्रवाई रसमड़ा स्थित कंपनी के बड़े पदाधिकारी मन तक पहुंचिस। पुलिस के कार्रवाई मं अब तक 21 लोगन के गिरफ्तारी होए के जानकारी सामने आई हे।
ए कार्रवाई के बाद मामला अउ गंभीर हो गे हे। अब सीबीआई जांच मं कथित चोरी के पूरा नेटवर्क के पड़ताल होही अउ ये देखे जाही कि स्क्रैप चोरी के दायरा कतक बड़े रहिस।
मुख्य सरगना तक पहुंचही जांच?
सीबीआई के जांच शुरू होए के बाद सबसे बड़े सवाल मं से एक ये हे कि कथित चोरी के पूरा नेटवर्क के संचालन कोन करथिस। स्क्रैप ला बीएसपी परिसर ले बाहर निकाले के व्यवस्था कइसे चलत रहिस, कोन-कोन लोग ए प्रक्रिया मं जुड़े रहिन अउ चोरी करे गे माल कहां-कहां खपाए गे, ए सब पहलू के जांच हो सकथे।
आर्थिक नुकसान के सही आंकड़ा भी आ सकथे सामने
जांच एजेंसी स्क्रैप के आवाजाही, वाहन मन के रिकॉर्ड, संबंधित कंपनी मन के भूमिका अउ कथित चोरी के माल के खपत समेत कई बिंदु मन के पड़ताल कर सकथे। ए संग बीएसपी ला हुए संभावित आर्थिक नुकसान के सही आंकड़ा निकाले के कोशिश घलो होही।
हालांकि, चोरी के नेटवर्क कतक बड़े रहिस, मुख्य आरोपी कोन हे अउ कऊन-कऊन लोग के भूमिका रहिस, ए संबंध मं अंतिम तस्वीर सीबीआई के जांच अउ आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही साफ होही।
अब सीबीआई जांच पर सबके नजर
बीएसपी के लोहा-स्क्रैप चोरी मामला अब पुलिस जांच ले निकल के केंद्रीय एजेंसी तक पहुंच गे हे। आगू के जांच मं कथित चोरी के तरीका, स्क्रैप के आवाजाही, परिवहन रिकॉर्ड, संबंधित कंपनी मन के भूमिका अउ संभावित मिलीभगत जइसन पहलू मन के जांच महत्वपूर्ण रहही। सीबीआई के जांच अउ सबूत के आधार मं ही आगू के कार्रवाई के तस्वीर साफ होही।



