Bilaspur High Court : अवैध उत्खनन के भयावह सच, 400 एकड़ खेती के जमीन हो गे बंजर, पढ़व हाई कोर्ट ह माइनिंग सिकरेट्री ले का कहिस
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के राजधानी ले लगे निसदा गांव मा अवैध उत्खनन के एक डरावना सच आगू आई हे। अवैध खदान मन के सेती करीबन 400 एकड़ खेती के जमीन बंजर हो गे हे, जेकर बाद अब वहां खेती करना नामुमकिन हो गे हे। ए गंभीर मामला मा जनहित याचिका ऊपर सुनवाई करत बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा अउ जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल के डिवीजन बेंच ह कड़ा रुख अपनाय हे। कोर्ट ह खनिज विभाग के सचिव (माइनिंग सिकरेट्री) ला नोटिस जारी करके शपथ पत्र के संग जवाब मांगे हे।
का हे पूरा मामला? आरंग के निसदा गांव के रहवईया ओम प्रकाश सेन ह हाई कोर्ट मा याचिका लगाके बताइस कि गांव मा 15 झन ला ब्लैक स्टोन अउ चूना पत्थर बर लीज मिले रहिस। पर लीज धारक मन ह अपन तय इलाका ले 5 गुना जादा जमीन मा कब्जा करके अवैध खुदाई शुरू कर दीन। खदान ले निकले वाला कचरा अउ पथरा मन ला सीधे महानदी मा डंप करे जावत हे, जेकर ले नदी के बहाव रुक गे हे अउ आसपास के 400 एकड़ जमीन बंजर हो गे हे।
नियम मन के धज्जियां उड़ाइस याचिका मा आरोप हे कि 3 साल पहले ही पर्यावरण अनुमति खत्म हो चुके हे, तभो ले वहां बेखौफ ब्लास्टिंग अउ खुदाई चालू हे। शासन कोति ले बताय गिस कि जांच मा 7 लीज धारक दोषी पाय गे हें अउ ओमन ऊपर 30 करोड़ के जुर्माना घलो ठोंके गे हे। फेर कोर्ट ह ए बात ले नाराज दिखिस कि नदी मा कचरा डंप करे वाले मन ऊपर अब तक का कार्रवाई होय हे। कोर्ट ह लीज एरिया ले बाहर खुदाई ऊपर तुरंत रोक लगाय के निर्देश दीस हे। ए मामला के अगली सुनवाई 26 फरवरी ला होही।



