बिलासपुर मं रेल हदसा ऊपर कांग्रेस के उग्र प्रदर्शन: जीएम दफ्तर घेराय, जाँच रिपोर्ट खोले बर दबाव
बिलासपुर मं होय रहिस रेल हदसा ले पूरा छत्तीसगढ़ मं हड़कंप मचे रहिस। अइसन दुखद घटना के बाद कांग्रेस ह रेलवे परसासन ऊपर सक्त रुख अपनाइस। बुध के दिन सकारे-सुबे ले कांग्रेस कार्यकर्ता मन अलग-अलग इलाका ले जुरत रामलीला मैदान पहुंचे। मैदान मं माहौल गंभीर रहिस—कऊनो बैनर मं न्याय के माँग लिखाय रहिस, त कऊनो पोस्टर मं घायल अऊ मरे परिवार मन के पीरा दिखाई देत रहिस।
सभा सुरु होइस त नेता मन सीधे मंच ले रेलवे परसासन के चुप्पी के आलोचना करे लगिन। कांग्रेस नेता मन कहिन कि हदसा के दिन ले आज तक रेलवे ह न कऊनो स्पष्ट बयान देइस, न मुआवजा, न जाँच रिपोर्ट। जेला देखके भीड़ मं नाराजगी अउ बढ़ गे।
सभा के बाद सबो कार्यकर्ता मन नारे-बाजी करत पैदल जीएम ऑफिस तक निकलिन। रास्ता भर “न्याय दो”, “जाँच रिपोर्ट खोलव”, “पीड़ित ला राहत दो” अइसने नारा गूँजवत रहिस। भीड़ धीरे-धीरे हजार के पार होगे। महिलायें, नौजवान, बुजुर्ग—सबो बछर के लोग मन प्रदर्शन मं भाग लेत रहिन।
जीएम ऑफिस पहुंचत तक पुलिस अऊ RPF ह पूरा दफ्तर के चारो कोती बेरिकेट लगा दे रहिस। भीड़ जइसे-जइसे आगू बाढ़त रहिस, पुलिस ह अंदर-बाहर अधिकारी मन ला सतर्क रहय बर कहत रहिस।
- कांग्रेस नेता मन गेट के आगू खड़े होके कहिन—
- मरे परिवार मन ला 1 करोड़ के मुआवजा
- गंभीर घायलों बर 50 लाख तक मदद
- परिवार के एक झण सदस्य ला सरकारी नौकरी
जाँच रिपोर्ट तुरते सार्वजनिक करे के निर्देश
नेता मन जोर देके कहिन कि ये हदसा के जिम्मेदार कऊनो छोटा कर्मचारी नई, बल्कि पूरा सिस्टम आय जेम तीर लापरवाही होय हवय। रेलवे ह खुद ला दुनिया के सबसे सुरक्षित परिवहन कहिथे, फेर हेर काबर रिपोर्ट रोकके बइठे हवय?
भीड़ मं कुछ लोग ह अपने-अपने परिजनों के हालत बर मंच ले बोलिन। कऊनो एक झिन महिला ह रोवत कहिस कि “हमर घरवाला झन बचिस, आज तक कऊनो अधिकारी ह पूछे तक नई आए।” ये बात सुनके भीड़ और उग्र होगे।
करीब एक घंटा तक जीएम ऑफिस के आगू भारी भीड़ जमे रहिस। पुलिस ह तस्दीक करत रहिस कि कऊनो धक्का-मुक्की नई होय। कांग्रेस नेता मन प्रतिनिधि दल बना के जीएम ला ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन मं साफ चेतावनी लिखाय रहिस कि अगर 15 दिन भीतर रिपोर्ट सार्वजनिक नई होय त कांग्रेस बड़े पैमाने मं छत्तीसगढ़ भर मं आंदोलन करी।
प्रदर्शन के बाद भीड़ धीरे-धीरे हटल, फेर माहौल मं नाराजगी जस के तस रहिगे। लोगन मन कहिन कि रेल हदसा सिरिफ एक घटना नई, बल्कि परसासन के लापरवाही के बड़ा उदाहरण आय, जेला दबाये के कोशिश नई होय सकय।
ये पूरा घटना बिलासपुर मं दिन भर चर्चा के विषय बनिस। बाजार होए, बस स्टैंड होए, चाय दुकान होए—हर जगह लोग मन बात करे लगिन कि रेलवे ह आखिर काबर रिपोर्ट छुपावत हवय? अऊ काबर पीड़ित परिवार मन के हक ले दूरी बनाय जावत हवय?
कांग्रेस के प्रदर्शन ले रेलवे परसासन ऊपर अब दबाव साफ दिखाई देत हवय। आने वाले दिन मं रिपोर्ट खुले या नई—ये अब जनता के नजर मं प्रमुख सवाल बन गे हवय।
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