बिलासपुर मं बिरसा मुंडा के विशाल प्रतिमा बनही अउ छात्र मन बर होस्टल घलो
बिलासपुर, 15 नवम्बर — जनजातीय गौरव दिवस के मौके मं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह एक बड़ा ऐलान करिस – बिलासपुर शहर मं बिरसा मुंडा के आदमकद (लकड़ी/पत्थर-जइसन असली रूप के बराबर) विशाल मूर्ति लगाई जाही। ये घोषणा पुलिस परेड ग्राउंड मं भव्य कार्यक्रम मं होइस, जिहां जनजातीय समाज के लोगन जम्मो उमंग के साथ जुड़े रहिन।
मुख्यमंत्री साय ह कहिन कि ये मूर्ति ह सिरिफ एक स्मारक नई होही, बल्कि जनजातीय युवा, छात्र अउ कामगार बर गर्व के चिन्ह बने रही। ओमन ये भी बताइन कि शहर के एक चौक (चौराहा) के नाम बिरसा मुंडा चौक रखे जाही, जेकर माध्यम से बिरसा के आदर्श ला जनमानस मं जीवित राखे जाही।
साय ह आगू कहिस कि शहर मं 300-200 सीटर पोस्ट-मेट्रिक छात्रावास (हॉस्टल) बनाए जाही, जेमा छात्र संग कामगार मन घलो रहि सकही। ये कदम ह जनजातीय पीढ़ी ला पढ़ाई अउ आत्मनिर्भरता के राह मं मजबूत सहायता देही।
एही के संग, मुख्यमंत्री नवा लाल खदान ओवरब्रिज के नामकरण घलो करिस — ओवरब्रिज ला शहीद वीर नारायण सिंह के नाम देय जाही, जऊन ह जनजातीय समाज मं उकर गाथा ला याद दिलाही। साय ह अपन बोले मं कहा कि जनजातीय इतिहास मं वीरता अउ बलिदान के कहानी बहुत गहिर हे, फेर इतिहास मं बहुत मनखे के योगदान वो जगह नई पाय हे जऊन ओमन लायक ए। ये ऐलान ह जनजातीय गौरव ला पुनर्जीवित करे के सरकार के प्रतिबद्धता दिखाथे।
इन सब विकास योजनामन के अलावा, मुख्यमंत्री ह 329 करोड़ रूपिया से ऊपर के कई अन्य विकास परियोजना मन के लोकार्पण अउ शिलान्यास के बारे मं घोसणा घलो करिस, जइसने जनजातीय इलाका के आर्थिक-शैक्षणिक प्रगति मं गति मिलही। उद्देस्य ए हे कि बिलासपुर ला एक नवां शैक्षणिक अउ सांस्कृतिक हब बनाए जाय, जिहां जनजातीय बिरादरी के लोगन ला सिर्फ प्रतीकात्मक सम्मान न मिलय, बल्की ठोस सुविधा घलो मिलय — पढ़ई, स्थान अउ प्रेरणा।
मुख्यमंत्री साय के ये कदम ह जनजातीय युवा मन मं आत्म-गौरव के भावना ला बढ़ाही अउ सामाजिक एकता के मजबूत आधार तैयार करही।
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