हड्डी जोड़े बर अब नई लगे दोबारा चीरा-फांदी, आईआईटी भिलाई के वैज्ञानिक मन करिन कमाल
Bhilai News : भिलाई: आईआईटी भिलाई के वैज्ञानिक मन ह मेडिकल साइंस के दुनिया में एक बड़े सफलता पाय हें। अब हड्डी टूटे पर जेकर शरीर में प्लेट, स्क्रू या स्टेंट लगाय जाथे, ओला निकाले बर दोबारा ऑपरेशन कराय के झंझट खतम हो जाही।
संस्थान के शोधकर्ता डॉ. जोस इमैनुएल अउ रिसर्च स्कॉलर विग्नेश आर ह मिल के अइसन तकनीक बनाय हें, जेकर ले हड्डी में लगे प्लेट अउ स्क्रू इलाज पूरा होय के बाद शरीर में अपने-आप धीरे-धीरे घुल जाही।
काबर खास हे ये तकनीक:
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दोबारा सर्जरी ले छुटकारा: आमतौर में हड्डी जुड़े के बाद प्लेट अउ स्क्रू निकाले बर फेर ले ऑपरेशन करे ल परथे, अब ओकर जरूरत नई पड़य।
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कम होही खर्चा अउ दरद: दोबारा ऑपरेशन नई होय ले मरीज के पैसा बाचही अउ ओला दरद अउ इन्फेक्शन के डर घलो नई राहय।
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मैग्नीशियम अउ टाइटेनियम के मेल: शोधकर्ता मन मैग्नीशियम के ऊपर टाइटेनियम के अइसन पतली परत चढ़ाय हें, जेकर ले इम्प्लांट शरीर के भीतर जादा समय तक मजबूत बने रहिथे अउ काम पूरा होय के बाद घुल जाथे।



