राष्ट्रपति के बस्तर दौरा ले पहिली वनोपज करमचारी मन बर सौगात, सामाजिक सुरक्षा अउ रिटायरमेंट म एक लाख दे के फैसला
Bastar Vanopaj Employees Scheme : रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 22 अउ 23 अक्टूबर के छत्तीसगढ़ दौरा ले पहिली बस्तर म वनोपज समिति म काम करेइया करमचारी मन बर सरकार ह नवा घोषणा करे हे। समिति प्रबंधक अउ फड़मुंशी मन ला दू-दू लाख रुपिया के सामाजिक सुरक्षा दे के फैसला होय हे। एखर संगे-संग समिति प्रबंधक मन ला रिटायर होय के बेरा एक लाख रुपिया के सहायता घलो दे जाए के प्रावधान करे गे हे।
राष्ट्रपति के दौरा ले पहिली बस्तर ऊपर खास ध्यान
14 अक्टूबर के छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के 27वीं वार्षिक साधारण सभा म ये फैसला लिए गे। वनोपज के काम म जमीनी स्तर म जुड़े करमचारी मन बर सामाजिक सुरक्षा के व्यवस्था करे गे हे। अब देखे के बात ये हे कि ये घोषणा के लाभ करमचारी मन ला कब तक मिलना सुरू होही।
पुराना भुगतान घलो होही
बैठक म शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के पुराना लंबित मामला मन के भुगतान किस्त-किस्त म करे के फैसला होय हे। एखर तहत 69 पात्र हितग्राही मन के खाता म सीधे पैसा भेजे गे हे। फेर अब सवाल ये उठत हे कि बाकी पात्र परिवार मन ला अपन भुगतान बर अउ कतका दिन तक इंतजार करना पड़ही।
चुनावी तैयारी या भरोसा बढ़ाय के कोशिश?
बस्तर म आदिवासी समाज, जंगल अउ वनोपज के काम मनखे मन के रोजी-रोटी ले जुड़े हे। अइसने म करमचारी मन बर आर्थिक सुरक्षा, पुराना भुगतान अउ नवा भवन के घोषणा के राजनीतिक मायने घलो निकाले जा सकथे। आगामी चुनाव मन ला देखत एला सरकार के जनसंपर्क रणनीति के रूप म घलो देखे जात हे। हालांकि, खाली घोषणा के समय ला देख के एला चुनावी तैयारी कहना सही नइ होही। सरकार ह आधिकारिक रूप ले इन फैसला मन ला चुनाव ले जोड़े के बात नइ कहे हे।
समिति मन ला भवन दे के घलो योजना
बैठक म जेन प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति मन के अपन भवन नइ हे, ओमन बर समय-सीमा तय करके कार्ययोजना बनाए के फैसला होय हे। विशेष रूप ले कमजोर जनजातीय समूह मन के वन धन विकास केंद्र बर नवा भवन बनाए के बात घलो कही गे हे। राष्ट्रीय पर्व मन के आयोजन बर समिति मन ला अलग ले बजट दे के फैसला होय हे। फेर भवन निर्माण म कतका खर्च होही अउ काम कब तक पूरा होही, एखर जानकारी सामने आना बाकी हे।
घोषणा के बाद अब अमल के बारी
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरा ले बस्तर के आदिवासी परंपरा अउ स्थानीय मुद्दा मन ला राष्ट्रीय स्तर म पहचान मिले के उम्मीद हे। सरकार ह कई फैसला करे हे, फेर असल बात ये होही कि ए मन जमीन म कब तक उतरथें। सामाजिक सुरक्षा के राशि समय म मिलही या नइ, पुराना भुगतान के सब मामला निपटही या नइ अउ समिति मन ला तय समय म भवन मिलही या नइ, बस्तर के लोगन बर ए सवाल के जवाब सबसे जरूरी हे।



