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Bastar Dussehra 2026: बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, तोखन साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिया न्योता

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Bastar Dussehra 2026: बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, तोखन साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिया न्योता

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40647-whatsapp-image-2026-09-29-at-61850-pm Bastar Dussehra 2026: बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, तोखन साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिया न्योता

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के विश्व प्रसिद्व बस्तर दशहरा में इस बार देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति 23 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

राष्ट्रपति को निमंत्रण देने के दौरान केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर सांसद महेश कश्यप और संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन मौजूद रहे।

मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की मौजूदगी क्यों खास?

बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामुदायिक जीवन से जुड़ा बड़ा उत्सव है। मुरिया दरबार भी इसकी महत्वपूर्ण परंपराओं में शामिल है, जहां बस्तर की सामाजिक व्यवस्था और पारंपरिक संस्थाओं की भूमिका दिखाई देती है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने इस साल फरवरी में जगदलपुर में बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ किया था। उस दौरान उन्होंने बस्तर दशहरा को जनजातीय संस्कृति और भाईचारे की अनूठी परंपरा बताया था।

सांसद महेश कश्यप ने बताया गौरव का अवसर

बस्तर सांसद महेश कश्यप भी राष्ट्रपति के मुरिया दरबार में शामिल होने को बस्तर के लिए गौरव का अवसर बता रहे हैं। राष्ट्रपति का यहां आना बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और लोक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर और अधिक पहचान मिलने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुरिया दरबार में मांझी, चालकी और समाज प्रमुखों जैसी पारंपरिक व्यवस्थाओं की भूमिका भी देखने को मिलती है। राष्ट्रपति ने जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान मांझी और चालकी की सामाजिक जीवन तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में भूमिका का उल्लेख किया था।

बस्तर की संस्कृति से राष्ट्रपति का पहले से जुड़ाव

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर से यह पहला बड़ा सांस्कृतिक जुड़ाव नहीं है। 7 फरवरी 2026 को उन्होंने जगदलपुर में बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ किया था। उस दौरान उन्होंने बस्तर की प्राचीन संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के साथ आगे बढ़ने की बात कही थी। अब अक्टूबर में मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की संभावित मौजूदगी से बस्तर दशहरा की राष्ट्रीय चर्चा और बढ़ सकती है।

23 अक्टूबर को जगदलपुर में खास होगा मुरिया दरबार

मुख्यमंत्री के निमंत्रण को स्वीकार किए जाने के बाद अब 23 अक्टूबर 2026 का दिन बस्तर दशहरा के लिए खास माना जा रहा है। राष्ट्रपति के स्वागत की तैयारियों और कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।

बस्तर की परंपरा, लोक आस्था और जनजातीय संस्कृति के बीच राष्ट्रपति की मौजूदगी इस आयोजन को एक अलग पहचान देगी।

Source: Nishaanebaz

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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