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Balodabazar Teacher Suspended: फर्जी D.Ed प्रमाण पत्र से नौकरी हासिल करने वाला सहायक शिक्षक सस्पेंड

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Balodabazar Teacher Suspended: फर्जी D.Ed प्रमाण पत्र से नौकरी हासिल करने वाला सहायक शिक्षक सस्पेंड

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38222-untitled Balodabazar Teacher Suspended: फर्जी D.Ed प्रमाण पत्र से नौकरी हासिल करने वाला सहायक शिक्षक सस्पेंड

Balodabazar Teacher Suspended: बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने कसडोल विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला कंजिया में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) रामेश्वर प्रसाद साहू को कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कलेक्टर जनदर्शन में हुई थी शिकायत

मामले की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की। जारी आदेश के मुताबिक पिसीद, कसडोल निवासी हेमदास मानिकपुरी ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि रामेश्वर प्रसाद साहू ने वर्ष 2011 में डी.एड. की फर्जी अंकसूची प्रस्तुत कर नौकरी हासिल की। शिकायत में डीएड अंकसूची का सत्र 2008 और रोल नंबर 47240442 भी दर्ज किया गया था। मामला सामने आने के बाद दस्तावेजों की जांच कराई गई।

11 साल बाद दोबारा किया D.Ed

जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। शिकायत के अनुसार, नियुक्ति के करीब 11 साल बाद रामेश्वर प्रसाद साहू ने पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर से दोबारा डी.एड. की पढ़ाई की।

इसी आधार पर वर्ष 2011 में नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए डी.एड. प्रमाण पत्र पर सवाल उठे। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई गई।

प्रमाण पत्र की सील से खुला मामला

कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जनपद पंचायत कसडोल और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), कसडोल ने मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में दस्तावेजों को लेकर गंभीर गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक ने 4 जनवरी 2011 को कार्यभार ग्रहण करते समय जो डी.एड. प्रमाण पत्र लगाया था, उसकी सील पर ‘जिला बलौदाबाजार’ लिखा हुआ था। जबकि बलौदाबाजार जिले का गठन वर्ष 2012 में हुआ था।

जांच में एक अन्य प्रतिवेदन की सील पर ‘जिला रायपुर’ अंकित होने की बात भी सामने आई। इन तथ्यों के आधार पर संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल उठे।

विभागीय जांच भी होगी

जांच प्रतिवेदन के आधार पर शिक्षक के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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