Asian Games 2026: वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, बने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा भारतीय; तोड़ा 8 साल पुराना रिकॉर्ड

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को हराकर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने भी भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। महज 15 साल 6 महीने और 10 दिन की उम्र में गोल्ड मेडल जीतकर वैभव एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले सबसे युवा भारतीय एथलीट बन गए हैं।
सौरव चौधरी का रिकॉर्ड हुआ पीछे
वैभव सूर्यवंशी ने यह उपलब्धि हासिल करते हुए निशानेबाज सौरव चौधरी का आठ साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। सौरव ने 2018 एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 16 साल की उम्र में गोल्ड मेडल जीता था। अब वैभव ने उनसे कम उम्र में स्वर्ण पदक जीतकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
सबसे कम उम्र में मेडल जीतने में दूसरे स्थान पर
एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र में कोई भी पदक जीतने के मामले में वैभव सूर्यवंशी दूसरे सबसे युवा भारतीय पदक विजेता हैं। उनसे आगे स्पीड स्केटर संजना बथुला हैं, जिन्होंने हांगझू 2023 एशियन गेम्स में 15 साल 3 महीने और 11 दिन की उम्र में महिला स्पीड स्केटिंग 3000 मीटर रिले में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। हालांकि गोल्ड मेडल जीतने के मामले में वैभव ने नया भारतीय रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
फाइनल में 9 गेंदों पर बनाए 15 रन
पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी से बड़ी पारी की उम्मीद थी। उन्होंने शुरुआत भी आक्रामक अंदाज में की और महज 9 गेंदों पर 15 रन बनाए। हालांकि तीसरे ओवर में पाकिस्तान के ऑलराउंडर सैम अयूब ने उन्हें आउट कर दिया। इसके बावजूद फाइनल में भारत ने मजबूत स्कोर खड़ा किया।

भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराया
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 211 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने 212 रनों का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी। भारत ने मुकाबला 19 रन से जीतकर एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
कम उम्र में बड़ी उपलब्धि
भारतीय टीम की इस स्वर्णिम जीत ने वैभव सूर्यवंशी के लिए भी खास रिकॉर्ड कायम कर दिया। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाने के बाद अब एशियन गेम्स गोल्ड ने उनके नाम भारतीय खेल इतिहास की एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
साभार: Asian News Bharat


