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Amazon Ram Mandir Prasad Case: CCPA का एक्शन : श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद के नाम से मिठाई बेच रहा था अमेजन, 1 लाख का लगा जुर्माना

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Amazon Ram Mandir Prasad Case: CCPA का एक्शन : श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद के नाम से मिठाई बेच रहा था अमेजन, 1 लाख का लगा जुर्माना

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36220-amazon-ram-mandir-prasad-case Amazon Ram Mandir Prasad Case: CCPA का एक्शन : श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद के नाम से मिठाई बेच रहा था अमेजन, 1 लाख का लगा जुर्माना

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon पर ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से सामान्य मिठाइयों की बिक्री से जुड़े मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने Amazon Seller Services Pvt. Ltd. पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। CCPA ने इस मामले को भ्रामक प्रस्तुतीकरण और उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति के बारे में गुमराह करने से जुड़ा माना है। इससे पहले जनवरी 2024 में CCPA ने Amazon को इस तरह की लिस्टिंग को लेकर नोटिस जारी किया था।

‘राम मंदिर प्रसाद’ के नाम से बिक रही थीं मिठाइयां

CCPA की शुरुआती कार्रवाई में Amazon पर ऐसे कई मिठाई और खाद्य उत्पादों की लिस्टिंग सामने आई थी, जिनके नाम में ‘Sri Ram Mandir Ayodhya Prasad’ का इस्तेमाल किया गया था। प्राधिकरण के अनुसार, ऐसी लिस्टिंग से ग्राहक को यह धारणा हो सकती थी कि उत्पाद वास्तव में राम मंदिर से प्राप्त प्रसाद है, जबकि इसके समर्थन में संबंधित धार्मिक संस्था की प्रमाणित अनुमति का तथ्य सामने नहीं था।

नोटिस के बाद Amazon ने हटाई थी लिस्टिंग

मामला सामने आने के बाद CCPA ने जनवरी 2024 में Amazon से जवाब मांगा था। Amazon ने उस समय संबंधित लिस्टिंग की जांच करने और अपनी नीतियों के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, नोटिस के बाद संबंधित लिस्टिंग हटा दी गई थीं।

CCPA ने हालांकि यह माना कि इतने बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर किसी उत्पाद की लिस्टिंग उपभोक्ताओं के बीच उसकी विश्वसनीयता की धारणा बढ़ा सकती है। इसलिए प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी केवल मध्यस्थ होने तक सीमित नहीं मानी गई।

धार्मिक भावनाओं से जुड़े उत्पादों पर विशेष निगरानी

प्राधिकरण ने आगे ऐसी स्थिति रोकने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर धार्मिक प्रसाद से जुड़ी लिस्टिंग की जांच मजबूत करने पर जोर दिया है। खास तौर पर किसी मंदिर या धार्मिक संस्था के नाम से प्रसाद, प्रसादम, महाप्रसाद, भोग या इसी तरह के उत्पाद बेचने से पहले संबंधित संस्था की अनुमति और प्रामाणिकता सत्यापित करने की जरूरत पर बल दिया गया है।

विक्रेता की जानकारी स्पष्ट दिखाने पर भी जोर

ऐसी लिस्टिंग में विक्रेता का नाम, पता, ग्राहक सेवा संपर्क और शिकायत अधिकारी की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक किसी उत्पाद की वास्तविक पहचान और विक्रेता के बारे में आसानी से जानकारी हासिल कर सकें।

की-वर्ड के जरिए संदिग्ध लिस्टिंग की पहचान

नई निगरानी व्यवस्था में ऐसे की-वर्ड के आधार पर संभावित लिस्टिंग की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाने की प्रक्रिया को मजबूत करने की बात कही गई है। इसका मकसद धार्मिक संस्थानों के नाम का गलत इस्तेमाल करके उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाली लिस्टिंग पर शुरुआत में ही रोक लगाना है।

क्यों महत्वपूर्ण है CCPA का यह फैसला?

यह मामला केवल एक उत्पाद की बिक्री तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहक किसी नाम, ब्रांड या धार्मिक पहचान को देखकर उत्पाद की प्रामाणिकता पर भरोसा कर सकता है। ऐसे में भ्रामक नाम या दावा सीधे उपभोक्ता के खरीद निर्णय को प्रभावित कर सकता है। जनवरी 2024 में CCPA ने भी इसी आधार पर Amazon के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी।

इस कार्रवाई के बाद ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए धार्मिक संस्थानों के नाम और पहचान से जुड़े उत्पादों की लिस्टिंग की सत्यता जांचना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इससे उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी जानकारी मिलने और धार्मिक पहचान के व्यावसायिक दुरुपयोग पर नियंत्रण की उम्मीद है।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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