रायपुर के बाद दू अउ जिला म घलो लागू होही कमिश्नर प्रणाली, गृह मंत्री ह दीस जानकारी; कहिस- सीएम ले करबो आग्रह
कमिसनरी (Commissionerate): कानून-व्यवस्था ले जुड़े मामला मन म अउ तेजी से फैसला लिये जा सकही। बड़ सहर मन म बढ़त अपराध अउ सहरू चुनौती मन ला देखत हुए ये ब्यवस्था ला बहुते जरूरी माने जावत हे।
अब दुर्ग अउ बिलासपुर म घलो पुलिस कमिसनरी प्रणाली लागू करे के तैयारी
राजधानी रायपुर के बाद अब दुर्ग अउ बिलासपुर म घलो पुलिस कमिसनरी प्रणाली (Police Commissionerate System) लागू करे के तैयारी सुरू हो गे हे। राज्य सरकार ये दिसा म संजीदगी से बिचार करत हे। बुधबार के दिन पत्रकार मन से गोठ-बात करत हुए उपमुख्यमंत्री अउ गृह मंत्री विजय शर्मा ह कहिस कि ओमन ये बात बर मुख्यमंत्री बिस्नु देव साय जी ले बिनती (आग्रह) करिहें।
ओमन कहिन कि प्रदेश म बहुते दिन ले पुलिस कमिश्नर प्रणाली के जरूरत महसूस करे जावत रहिस। अलग-अलग बिभाग के संसो-तंतो के सेती कतकोन छोटे अउ जरूरी मामला मन म फैसला अड़के रहि जावय। रायपुर म जब ले कमिसनरी सिस्टम लागू होय हे, तब ले पुलिस के काम म तेजी अउ तालमेल देखे बर मिले हे। अइसन म जरूरत के हिसाब से एकर बिस्तार अउ दूसर बड़ सहर मन म घलो करे जाना चइही।
रायपुर मॉडल के तरीफ करिन गृह मंत्री
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ह रायपुर पुलिस के काम करे के तरीका अउ तुरत कारबाही के तरीफ करत हुए हाल ही म होय धरमलाल कौसिक के मोबाइल लूट के मामला के उदाहरन दीस। ओमन बताइन कि पुलिस ह घटना के सिरिफ 5 घंटा के भीतर मोबाइल ला खोज निकालिस। ओकर कहना हे कि ये सब कमिसनरी प्रणाली के सेती बढ़िया तालमेल अउ तुरत फैसला लेवे के नतीजा आय। सरकार चाहत हे कि अइसने ब्यवस्था दुर्ग अउ बिलासपुर जइसन बड़ सहर मन म घलो लागू होवय, ताकि कानून-ब्यवस्था ला अउ मजबूत बनाये जा सके।
कानून-ब्यवस्था ला मिलही नवा ढांचा
सरकार के मानना हे कि कमिसनरी सिस्टम लागू होय ले पुलिस के काम-काज अउ आधुनिक (मॉडर्न) अउ जबाबदेह बनही। एकर सेती अपराध ला रोके म, ट्रैफिक सम्हाले म अउ कानून-ब्यवस्था ले जुड़े मामला मन म झटकुन फैसला लिये जा सकही। बड़ सहर मन म बढ़त अपराध अउ सहरू समस्या मन ला देखत हुए ये ब्यवस्था ला बड़े बदलाव के रूप म देखे जावत हे। उपमुख्यमंत्री ह इसारा दीस कि रायपुर मॉडल के सफल होय के बाद अब दुर्ग अउ बिलासपुर म एकर कारबाही बेगे सुरू हो सकत हे।
बिलासपुर म बढ़त अपराध बनिस चिंता के कारन
बिलासपुर म लगातार बढ़त संगठित अपराध, चाकूबाजी, अबैध दारू के तस्करी अउ नसा के जाल ह पुलिस-प्रसासन के चिन्ता ला बढ़ा दे हे। पुलिस के सरकारी आंकड़ा के मुताबिक:
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संगठित अपराध: साल 2024 म संगठित अपराध के 19 मामला दरज होय रहिस, जेकर संख्या साल 2025 म बढ़ के 48 तक पहुंच गे। दू साल म कुल 67 गैंग अउ सातिर अपराधी मन ऊपर कारबाही करे गे हे। कतकोन मर्डर अउ मर्डर के कोसिस के मामला म गिरोह मन सामिल पाये गीन हें।
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अबैध दारू तस्करी: साल 2024 म 4,218 मामला दरज होय रहिस, जबकि 2025 म ये आंकड़ा बढ़ के 4,275 हो गे। जप्त दारू के मात्रा घलो 12,125 लीटर ले बढ़ के 21,780 लीटर तक पहुंच गे।
चाकूबाजी अउ मार-पीट के घटना म बाढ़
बिलासपुर म चाकूबाजी के घटना घलो बहुते तेजी से बढ़त हे। आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत साल 2024 म 216 मामला दरज रहिस, जो 2025 म बढ़ के 323 हो गे। चाकू जप्त करे के आंकड़ा घलो दुगुना हो के 113 ले 226 तक पहुंच गे।
पुलिस ह साल 2024 म जिहां 5 ठन रिवॉल्वर जप्त करे रहिस, उहें 2025 म 9 ठन रिवॉल्वर बरामद करिस। दूसर खतरनाक हथियार मन के जब्ती घलो 56 ले बढ़ के 67 हो गे हे। एकर अलावा छोटे-मोटे बात म मार-पीट अउ बलवा (दंगा) के मामला मन म घलो लगातार बाढ़ आवत हे। साल 2023 म बलवा के 52 मामला दरज रहिस, जेमन 2024 म बढ़ के 63 अउ 2025 म 68 तक पहुंच गे।



