यूसीसी ला के अडानी ला जल, जंगल अऊ जमीन दे के तइयारी, कांग्रेस ह सरकार ऊपर लगाइस गंभीर आरोप
रायपुर : छत्तीसगढ़ मा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करे के सरकार के तइयारी ले प्रदेश के राजनीति मा भारी गरमा-गर्मी बाढ़ गे हे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह इशारा करे हवँय कि विधानसभा के आने वाले जाड़ के दिन के सत्र (शीतकालीन सत्र) मा ए विधेयक ला पेश करे जा सकत हे। सरकार ह एकठीन कमेटी घलो बनाए हे, जो यूसीसी के ड्राफ्ट तइयार करत हे। ए कोती, कांग्रेस ह एला अडानी ला जल, जंगल अऊ जमीन सौंपे के तइयारी बताए हे। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ह कहे हवँय कि जब ले बस्तर मा नक्सलवाद खतम होए के घोषणा होए हे, तबे ले बीजेपी समर्थक उद्योगपति मन के नजर बस्तर के आदिवासी मन के जमीन ऊपर गड़े हे। बस्तर मा उद्योगपति मन के नजर लग गे हे अऊ ओमन आदिवासी मन के जमीन ला हड़पे बर चाहत हवँय, एखर सेती यूसीसी ला लाए के तइयारी चलत हे।
कांग्रेस के बड़ सवाल : शुक्ला ह कहे हवँय कि यूसीसी लागू होए ले राज्य के आदिवासी मन ला भारी नोकसान होई। प्रदेश के मुखिया खुद एक आदिवासी हवँय, ओखर बाद घलो राज्य के बहुसंख्यक आदिवासी मन के हित के खिलाफ सरकार ह फैसला लेवत हे। मुख्यमंत्री अऊ सरकार ह ए बात ला साफ करैं कि क्या यूसीसी लागू होए के बाद प्रदेश मा पेसा कानून पहली जइसे बने रही? पांचवीं अनुसूची के पंचायत मन के अधिकार मा कोई छेड़छाड़ तौ नइ होही? वन अधिकार अधिनियम ले आदिवासी मन के हित प्रभावित तौ नइ होही?
ओमन आगे कहेन कि राज्य के विशेष संरक्षित जनजाति मन—बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, अबूझमाड़िया, भुंजिया अऊ पांडा ला संविधान मा विशेष संरक्षण मिले हे, क्या यूसीसी लागू होए ले ओकर अधिकार सुरक्षित रही? आदिवासी मन के जमीन ऊपर ओकर सामुदायिक अधिकार मन ला तौ नइ छीने जाही? सरकार ह राज्य मा यूसीसी लागू करके आदिवासी मन के मूल अधिकार ला छीने के षड़यंत्र करत हे।
यूसीसी ह आदिवासी मन के खिलाफ : सुशील आनंद शुक्ला ह कहे हवँय कि ककरो अऊ के होए या नइ, पर अगर छत्तीसगढ़ मा यूसीसी लागू होथे तौ सबले ज्यादा नोकसान छत्तीसगढ़ के आदिवासी मन ला ही होई। यूसीसी ह छत्तीसगढ़ के आदिवासी मन के बिल्कुल खिलाफ हे। राज्य मा सिर्फ आदिवासीच मन अइसे हवँय जेकर बर विशेष संवैधानिक संरक्षण के प्रावधान हे, दुसर कोई वर्ग बर अइसन नियम नइ हे।
छत्तीसगढ़ मा 32 प्रतिशत ले ज्यादा आबादी आदिवासी मन के हे। ओकर रक्षा बर पेसा कानून अऊ 5वीं अनुसूची लागू हे, अऊ बीजेपी सरकार ह यूसीसी ला के आदिवासी मन के अधिकार ऊपर डाका डाले के कोसिस करत हे। यूसीसी के प्रारूप तइयार करे बर जो पांच झन के उच्च स्तरीय समिति बनाए गे हे, ओमा प्रदेश के कोई घलो बड़ आदिवासी नेता ला शामिल नइ करे गे हे। एखर ले साफ पता चलथे कि ए सरकार ह आदिवासी मन के हित के खिलाफ षड़यंत्र करत हे।



