साइबर ठगी के सिकार मन बर खुसखबरी, नवा पोर्टल ले मिलही फँसे पइसा!
Cyber Fraud Refund Portal साइबर ठगी (Online Fraud) के सिकार होय मनखे मन अउ अनजाने में जिनकर बैंक खाता फ्रीज (अकाउंट होल्ड) हो गे हे, ओ मन बर केंद्र सरकार ह बड़े राहत के काम करे हे। गृह मंत्रालय अउ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ह दुई नवा व्यवस्था—जीआरएम (GRM) अउ एमआरएम (MRM) पोर्टल के सुरूआत करे हे।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया लाइव में क्राइम अउ साइबर के एडिशनल एसपी गौरव मंडल ह ए दुनों पोर्टल के बारे में पूरा जानकारी दिस।
खाता फ्रीज होए मा मदद करही GRM पोर्टल
कभू-कभू का होथे कि कोनो निरदोस मनखे के खाता में ठगी के पइसा आ जथे, जेकर से पुलिस ओ खाता ला सील (होल्ड) कर देथे। पहिली अइसन मनखे मन ला कोर्ट अउ दूसर राज (State) के पुलिस के चक्कर काटे बर परत रीहिस। फेर अब अइसन नइ होवय।
का हे तरीका: खाताधारक ह अपन बैंक साखा में जाके दोबारा KYC वेरीफाई करवाही। बैंक ह ओकर सिकायत ला जीआरएम पोर्टल के जरिए सीधा जांच अधिकारी (IO) करा भेज दी।
अगर रायपुर के कोनो मनखे के खाता दिल्ली या दूसर राज के पुलिस ह होल्ड करे हे, त ओला उहां जाय के जरूरत नइ हे। जरूरत परे मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन बयान दरज हो जाही।
ठगे गे पइसा ला वापस देवाही MRM पोर्टल
ए पोर्टल ओ मनखे मन बर आय जिनकर डूबे पइसा बैंक के सिस्टम में कहुं सुरक्षित या होल्ड हे।
सिकार होय मनखे ला एमआरएम (MRM) पोर्टल में जाके अपन सिकायत नंबर (Complaint Number) डाले बर पड़ही।
ओकर बाद मोबाइल में आय ओटीपी (OTP) ले लॉगिन करके ओ मन देख सकिहें कि कतका पइसा होल्ड हे अउ ओला वापस पाय बर ऑनलाइन दावा (Claim) कर सकिहें।
अगर कोर्ट के आदेश हे, त थाना जाय के जरूरत नइ हे, ओला सीधा पोर्टल में अपलोड करे जा सकत हे। जांच अधिकारी कागजात देखके बैंक ला पइसा वापस देब के निरदेस जारी कर दी।
साइबर एक्सपर्ट के काम के सलाह
गोल्डन ऑवर (पहिला घंटा): ठगी होवत च कतकोन जल्दी 1930 नंबर मा फोन करो या वेबसाइट मा सिकायत दरज कराओ, ताकि पइसा ला रद्दे-रद्द रोके जा सके।
अगर खाता में अचानक कहुं ले अनजान पइसा आ जथे, त ओला खरच झन करो। तुरंते बैंक ला बताओ।
अपन बैंक खाता, यूपीआई (UPI), सिम या ओटीपी (OTP) कभू ककरो संग सेयर झन करो। ठग मन सुपारी (किराया) के खाता के जादा इसतेमाल करथें।
कोनो भी बैंक ह व्हाट्सएप (WhatsApp) मा कोनो फाइल या लिंक नइ भेजे। अइसन संदेहास्पद नंबर मन के सिकायत भारत सरकार के ‘संचार साथी’ अउ ‘चक्षु’ पोर्टल मा जरूर करो।



