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चिंतन शिविर: साय कैबिनेट के मंथर ले निकलीस सुशासन के संजीवनी

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चिंतन शिविर: साय कैबिनेट के मंथर ले निकलीस सुशासन के संजीवनी

चिंतन शिविर 3.0

ले सुशासन के अगू के चरण के रूपरेखा तैयार होही: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

डिजिटल गवर्नेंस, नवा तकनीक, खेती-किसानी के समृद्धि अउ नेतृत्व विकास ऊपर होइस विचार-मंथन

पहिली के चिंतन शिविर मन के नतीजा: ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अउ सेवा सेतु जइसन नवा काम होइस पूरा

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रायपुर, 5 जुलाई 2026/ चिंतन शिविर 3.0 के मतलब राज-काज अउ प्रशासन ला अउ जादा असरदार, आधुनिक, साफ-सुथरा अउ जनता के हित में बनात हुए ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बर दूर के सोच वाला नीति बनाय के मजबूत नेव रखना हे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह कहिन कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन अउ अभिसरण विभाग अउ आईआईएम रायपुर के संगे-संग आयोजित दू दिन के मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य मन अउ देस के बड़े-बड़े जानकार मन ह राज-काज के अलग-अलग बिन्दुओं ऊपर गम्भीरता ले गोठ-बांत (मंथन) करिन।

मुख्यमंत्री साय ह कहिन कि चिंतन शिविर सिरिफ सोच-विचार करे के जगह नो हे, बल्कि सरकार के काम करे के तरीका में लगातार सुधार अउ नवाचार के माध्यम बन चुके हे। पहिली के दू ठन शिविर ले मिले सुझाव मन ला सरकार ह धरातल (जमीन) ऊपर उतारे हे, जेकर बढ़िया नतीजा आज प्रदेश के प्रशासनिक व्यवस्था में साफ दिखत हे। ओमन कहिन कि सासन में तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही अउ जनता के सरोकार ला बीच में रखके आगू बढ़ना ही ए शिविर के असली मकसद् हे।

मुख्यमंत्री श्री साय ह बताइन कि चिंतन शिविर 3.0 के पहिली दिन नेतृत्व विकास, सुशासन, नवा तकनीक अउ कृषि समृद्धि जइसन जरूरी बिसय मन ऊपर गम्भीर चर्चा होइस। प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ह नेतृत्व, मन के संतुलन, सेवा के भाव अउ जनप्रतिनिधि मन के नैतिक जिम्मेदारी ऊपर अपन विचार राखिन। ओमन कहिन कि संवेदनशीलता अउ सही नेतृत्व ही सुशासन के सबले बड़े जरूरत आय।

शिविर में नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ह “इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़” (नवा तकनीक) बिसय ऊपर बोलत हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन अउ डेटा के माध्यम ले सासन व्यवस्था ला अउ जादा तेज, पारदर्शी अउ जनता बर आसान बनाय के संभावना मन ऊपर बिस्तार से गोठ करिन। ओमन तकनीक के भरोसा सेवा पहुंचाय, नवा काम, रोजगार के साधन अउ डिजिटल समावेशन बर छत्तीसगढ़ के आगू उपलब्ध मौका मन के घलो चरचा करिन।

खेती-किसानी ले जुड़े सत्र “कृषि से समृद्धि” में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद अउ कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ह प्राकृतिक खेती, मौसम के हिसाब से खेती, फसल विविधीकरण (बदल-बदल के बोना), मूल्य संवर्धन, बजार संपर्क अउ तकनीक आधारित कृषि सुधार मन ऊपर अपन अनुभव बांटिन। जानकार मन ह देस के अलग-अलग राज्य मन के सफल मॉडल के जानकारी देवत हुए किसान मन के आय बढ़ाए, गांव के अर्थव्यवस्था ला मजबूत करे अउ खेती ला अउ जादा फइदाजनक बनाय बर व्यावहारिक सुझाव देहिन। ए बखत मंत्री मन अउ बड़े अधिकारी मन ह समूह में बैठके घलो विचार-मंथन करिन।

मुख्यमंत्री साय ह कहिन कि पहिली के चिंतन शिविर मन ले मिले सुझाव के आधार ऊपर मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करे गीस, जेकर ले फाइल मन के निपटारा तेज, साफ-सुथरा अउ समय ऊपर होवत हे। ओइसने ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अउ सेवा सेतु जइसन बड़े नवाचार घलो ए चिंतन के ही फल आय। आज सेवा सेतु के माध्यम ले 36 विभाग मन के 520 ले जादा सेवा मन नागरिक मन ला ऑनलाइन मिलत हे, जेकर ले आम जनता ला सीधा, तुरत अउ पारदर्शी तरीका ले सुविधा मिलत हे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह भरोसा जताइन कि चिंतन शिविर 3.0 ले मिले सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, खेती-किसानी में सुधार, विभागीय तालमेल अउ जनसेवा के नवा कीर्तिमान स्थापित करहीं। ओमन कहिन कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के हिसाब से ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण बर सरकार नवाचार, गियान, तकनीक अउ बढ़िया नीति बनाय ला लगातार बढ़ावा देवत रही अउ चिंतन शिविर ले निकले विचार मन ला जल्दी ही ठोस नीति अउ प्रशासनिक काम के रूप में लागू करे जाही।

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OneCG एक्सक्लूसिव रिपोर्ट OneChhattisgarh.Com
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