सरकारी जमीन म मिलही मालिकाना हक! छत्तीसगढ़ में कब्जाधारी मन ला पट्टा दे के तैयारी तेज, जानव का हे नियम
chhattisgarh land survey 2026 : बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में कतको बछर ले सरकारी जमीन ऊपर मड़वा-मकान बनाके रहत हें ओ गरीब परवार मन बर एक बड़े अउ राहत के खबर आगू आतिस हे। राज्य सरकार ह अइसन कब्जाधारी मन ला मालिकाना हक (भू-अधिकार पत्र) देबइ के फैसला करे हे, जेकर बाद अब प्रसासन ह पट्टा बान्टइ के तैयारी ला बुता स्तर ऊपर तेज कर दे हे। एही कड़ी में बलौदाबाजार नगर पालिका क्षेत्र में नवा पट्टा बनाए अउ सरवे बुता ला लेके एक ठन जरूरी बैठक करे गिस, जेमा काम-काज के योजना ला आखिरी रूप दीस।
नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन के अध्यक्षता में होइस ए बैठक में राजस्व बिभाग अउ स्थानीय जनप्रतिनिधि मन संग सासन के नियम-कानून ऊपर अबरन चर्चा करे गिस। अधिकारी मन के मुताबिक, वार्ड मन में जल्दी च सरवे के बुता सुरू होए जावत हे।
20 अगस्त 2017 के कट-ऑफ डेट: कोन् ला अउ कतका मिलही जमीन?
सासन के नियम के मुताबिक, जो भी परवार 20 अगस्त 2017 या ओकर ले पहिली ले सरकारी जमीन ऊपर काबिज हें, सिरिफ ओमन ला च ए योजना के पातर (योग्य) माने जाही।
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जादा ले जादा सीमा: पातर परवार मन ला ओकर कब्जे के आधार ऊपर जादा ले जादा 800 वर्ग फीट तक के जमीन के पट्टा जारी करे जा सकही।
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कागज अउ पंचनामा: पट्टा पाए बर कब्जाधारी मन ला तय तारीख ले रहे के प्रमाण (कागज) देखाए बर पड़ही। अगर कोनो परवार करा पूरा सरकारी कागज नई हे, तो फिकर करे के कोनो बात नई हे; प्रसासन कोती ले स्थानीय स्तर ऊपर बनाए गए पंचनामा ला घलो आधार मानके पट्टा देबइ के नियम रखे गए हे।
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वारिसदार नियम: यदि मूल पट्टाधारी या कब्जाधारी के मृत्यु हो चुके हे, तो जमीन के पट्टा ओकर वैध कानूनी वारिसदार (परवार के सदस्य मन) के नाम ऊपर ट्रांसफर करके जारी करे जाही।
पट्टा मिलत च खुलही पीएम आवास योजना के रद्दा
बैठक के दउरान नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ह कीस कि कतको बछर ले बेघर या असुरक्षित ढंग ले रहत हें ओ गरीब मन ला जमीन के मालिकाना हक देना सरकार के सबले पहिली प्राथमिकता हे। पट्टा मिल जाए ले ए परवार मन के न सिरिफ अपन घर के सपना पक्का होही, बल्कि ओमन सरकार के ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) के लाभ उठाए बर घलो पातर हो जाहीं। ओमन ए जनहित के फैसला बर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव अउ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के आभार जताइन।
ए क्षेत्र मन में रहइ वैया मन ला नई मिलही लाभ (अपात्रता के सरत)
सरकारी जमीन ऊपर पट्टा देबइ के नियम जतका राहत दे वैया हे, ओतके च कड़ा घलो हे। सासन ह साफ कहि दे हे कि ए खाली लिखे गए श्रेणी मन ला ए योजना ले बिल्कुल बाहर रखे जाही:
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रोक लगाए गए क्षेत्र: तालाब के तीर-तखार, नाला, ग्रीन बेल्ट (पर्यावरण क्षेत्र), फुटपाथ अउ सार्वजनिक परिसर (सरकारी बिल्डिंग मन के आस-पास) ऊपर कब्जा करके बनाए गए मकान मन ला पट्टा नई दिए जाए।
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जुन पुराना पट्टाधारी: जिन नागरिक मन के नाम ऊपर पहिली ले च कोनो पट्टा या भू-अधिकार पत्र हे, ओमन ए नवा सरवे में सामिल नई हो सकें।
सरवे के दउरान राजस्व बिभाग अउ पार्षद मन के संजुक्त टीम मौका ऊपर जाके खुद देखही (Physical Verification) अउ कब्जा के समे के गहिर जांच करही।
बैठक में प्रसासन के बड़े अधिकारी रीहिन मौजूद
ए बड़े स्तर के बैठक में नगर पालिका उपाध्यक्ष जितेंद्र महले, एसडीएम प्रकाश चंद्र कोरी, तहसीलदार निवेश कुरेटी अउ मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) आशीष तिवारी संग स्थानीय वार्ड पार्षद अउ राजस्व बिभाग के जम्मो आला अधिकारी मन मौजूद रीहिन।



