रायपुर म पेट्रोल-डीजल के दाम आज फिर बाढ़ीस, 4 दिन म दूसर घांव झटका; आम मनखे के जेब ढीला
Petrol Diesel Price Hike : रायपुर। रायपुर म पेट्रोल अउ डीजल के कीमत मन म आज (मंगनवार) फिर बाढ़गे हे। तेल कंपनी मन ह ईंधन के दाम ला करीब 90-90 पैसा प्रति लीटर बढ़ा दे हें। एकर पहिली 15 मई के घलो पेट्रोल-डीजल के दाम ह 3-3 रूपिया प्रति लीटर बढ़ाए गे रिहिस।
याने सिरिफ 4 दिन के भीतर दूसर घांव दाम बढ़े ले आम मनखे के जेब ऊपर सोझ असर परे वाला हे। राजधानी म अब पेट्रोल के कीमत करीब 104.32 रूपिया प्रति लीटर पहुंच गे हे, जबकि डीजल करीब 97.38 रूपिया प्रति लीटर बिकत हे।
महँगाई के मार: साग-भाजी अउ बस किराया बाढ़े के डर
डीजल महंगा होए के असर सिरिफ गाड़ी मन तक नई रहे। ट्रक अउ माल ढोए वाला गाड़ी मन के खरचा बाढ़े ले दूसर राज मन ले आवे वाला साग-भाजी, फल, राशन अउ दूसर जरूरी सामान मन घलो महंगा हो सकत हें। एकर अलावा खेती-किसानी म उपयोग होए वाला ट्रैक्टर अउ पंपिंग सेट चलाए के खरचा घलो बाढ़ी। उहें बस, ऑटो अउ स्कूल गाड़ी मन के किराया घलो आने वाला दिन म बाढ़े के आसा हे।
इधर, रायगढ़ म खाद्य विभाग के टीम ह नियम मन ला टारे अउ स्टॉक म गड़बड़ी पाए जाए ऊपर मंगनवार के देर रात खरसिया म बने वंदना पेट्रोल पंप ला सील कर दे हे।
रायपुर म मचे रिहिस तेल लेय के होड़
एकर पहिली दाम बाढ़े अउ तेल खतम होए के अफवाह के बीच कतकोन पेट्रोल पंप मन म गाड़ी मन के लंबी लाइन (कतार) लग गे रिहिस। रायपुर संग प्रदेश के कतकोन सहर मन म मनखे मन जरूरत ले जादा पेट्रोल-डीजल भरवावत नजर आइन। कहुं-कहुं त पंप बंद होए जइसन नौबत घलो आ गे रिहिस, जेकर से मनखे मन के परेसानी बाढ़ गे रिहिस। हालांकि, अब इसथिति सामन्य हे।
ब्लैक मार्केटिंग ऊपर नजर, सिकायत बर नंबर जारी
तेल के किल्लत अउ बढ़ती दाम के बीच प्रसासन घलो अलर्ट मोड म हे। रायपुर कलेक्टर ह पेट्रोल-डीजल के ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) रोके बर हेल्पलाइन नंबर जारी करिन हे। सहर म कहुं भी जादा पइसा वसूले या अवैध बिक्री के जानकारी मिले म मनखे मन ए नंबर मन म सिकायत कर सकत हें:
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9977222564
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9977222574
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9977222584
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9977222594
पेट्रोल-डीजल के दाम म काबर होइस बढ़ोतरी?
ए दाम बाढ़े के मुख्य कारन अंतरराष्ट्रीय बजार म कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के कीमत म उतार-चढ़ाव ए। ईरान अउ अमेरिका के जंग सुरू होए के पहिली क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर रिहिस, जेहा अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गे हे। क्रूड के दाम बाढ़े ले तेल कंपनी मन दबाव म रिहिन, एकरे सेती कंपनी मन ह अपन घाटा ला पूरा करे बर ए कदम उठाए हें। जदि कच्चे तेल के दाम लंबे समे तक अइसने बाढ़े रही, त पेट्रोल-डीजल के दाम ला अउ घलो बढ़ाए जा सकत हे।
कइसन तय होथे तेल के रेट?
भारत अपन जरूरत के जादातर कच्चा तेल बिदेस मन ले बिसात (आयात करत) हे। उपभोगता तक पहुंचे के पहिली तेल के कीमत म कतकोन किसम के टैक्स अउ खरचा जुड़थे:
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कच्चे तेल के कीमत (बेस प्राइस): अंतरराष्ट्रीय बजार ले बिसाए गे बैरल के हिसाब ले प्रति लीटर तेल के दाम तय होथे।
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रिफाइनिंग अउ कंपनी मन के खरचा: कच्चे तेल ला साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाए के खरचा अउ कंपनी मन के मुनाफा।
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केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी ले निकले के बाद केंद्र सरकार एकर ऊपर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) अउ रोड सेस लगाथे, जेहा सबो राज मन बर एक बराबर होथे।
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डीलर कमीशन: पेट्रोल पंप मालिक मन (डीलर्स) के अपन निश्चित कमीशन।
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राज सरकार के वैट (VAT): सबले आखरी म राज सरकार मन अपन हिसाब ले वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाथें। हर राज के वैट दर अलग-अलग होए के सेती हर सहर म ईंधन के रेट घलो अलग-अलग रहिथे।



