छत्तीसगढ़ मं 20 करोड़ के सिक्का मन के मांग, कैट ह RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ला लिखिस चिठ्ठी
cait chhattisgarh rbi letter : कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के छत्तीसगढ़ इकाई ह प्रदेश मं 5, 10 अउ 20 रुपिया के छोटे नोट अउ सिक्का मन के भारी कमी ऊपर बड़ संसो (चिंता) जताए हे। संगठन ह एकर ले आम जनता अउ ब्यापारी मन ला होवत बड़ परेशानी ला देखत हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ला चिठ्ठी भेज के एकर तुरते समाधान करे के मांग करे हे। कैट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के जम्मो जिला मन मं बैंक मन करा छोटे नोट अउ सिक्का मन के कमी हो गे हे, जेकर ले रोज के लेन-देन मं कतकोन किसम के अब्बड़ दिक्कत आवत हे।
आम जनता अउ ब्यापारी मन ऊपर परत हे असर
कैट ह बताइस कि छोटे नोट अउ सिक्का मन के कमी के सबले जादा असर फुटकर ब्यापारी, भाजी-पाला बेचे वइया, परिवहन ब्यापारी, छोटे दुकानदार अउ आम मनखे मन ऊपर परत हे। कतकोन बार ग्राहक अउ ब्यापारी मन के बीच चिल्हर (छुट्टा) पैसा ला लेके बाद-बिबाद अउ झगड़ा के स्थिति घलो बन जाथे। बजार मं लेन-देन प्रभावित होए ले छोटे ब्यापारी मन के कमाई ऊपर घलो असर परत हे। संगठन के कहना हे कि ए समस्या ह बहुते दिन ले बने हुए हे, फेर अब स्थिति ह अउ जादा गंभीर हो गे हे।
20 करोड़ रुपिया के सिक्का मन के मांग
ए मामला मं कैट ह भारतीय रिजर्व बैंक ले खास करके छत्तीसगढ़ बर 20 करोड़ रुपिया के सिक्का मन ला तुरते भेजे के मांग करे हे। संग ही प्रदेश के जम्मो जिला मन मं बैंक मन के माध्यम ले छोटे नोट अउ सिक्का मन के भरपूर आपूर्ति करे के गोहार लगाए हे, ताकि ब्यापार ह बढ़िया ढंग ले चल सके अउ आम जनता ला राहत मिल सके।
कड़ा कदम उठाए के आस
कैट ला पूरा बिसवास हे कि भारतीय रिजर्व बैंक ए मुद्दा ला गंभीरता ले लिहें अउ तुरते जरूरी कदम उठाहि। ए पहल मं कैट के राष्ट्रीय पदाधिकारी अमर परवानी, परमानंद जैन, प्रवीण खंडेलवाल अउ जिला इकाई के पदाधिकारी अनिल बरडिया, राजू डागा संग अउ आन सदस्य मन के मार्गदर्शन अउ सहयोग रहिस। ए चिठ्ठी के एक कॉपी रायपुर के क्षेत्रीय निदेशक अउ नागपुर के निर्गम विभाग ला घलो भेजे गे हे।
दूसर कोति, बढ़त महंगाई ऊपर फुटिस गुस्सा
पूर्व मंत्री धनेश पाटिला ह केंद्र सरकार ऊपर बढ़त महंगाई ला रोके मं फेल होए के आरोप लगाए हे। ओमन कहिन कि देस के जनता महंगाई ले हलाकान (त्रस्त) हे, अउ मोदी सरकार ह राहत देए के बदले जनता ले सिरिफ अपील करके अपन जिम्मेदारी ले हाथ खींचत हे।



