छत्तीसगढ़ म तेल बचत के नवा नियम लागू: मंत्री, अफसर अउ सरकारी कर्मचारी मन बर गाइडलाइन जारी, जानव का-का हे नियम
Chhattisgarh Fuel Saving Rules : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ह पेट्रोल अउ डीजल के खरचा ला कम करे बर एक ठन बड़का फैसला करत नवा गाइडलाइन जारी करे हे। ए नियम के तहत अब मंत्री मन, निगम-मंडल के अध्यक्ष मन अउ सरकारी अधिकारी मनला सीमित संख्या म गाड़ी मनके इस्तेमाल करे बर कहे गे हे। देस म तेल के किल्लत ला देखत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह अपील करे रीहिन, जेकर बाद दिल्ली अउ उत्तर प्रदेश असन कतको राज्य मन सरकारी गाड़ी मनके खरचा म कटौती कर डारे हें। अब ओही राह म चलत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय घलो अपन काफिला (कारकेड) म गाड़ी मनके संख्या ला कम कर दे हें।
वित्तीय संसाधन मनके सही प्रबंधन अउ सरकारी खरचा म अनुशासन लाय बर वित्त विभाग ह ए नियम मनला तुरंत प्रभाव से लागू कर दे हे।
छत्तीसगढ़ सरकार ह जारी करिस ए 8 ठन नियम:
काफिला म गाड़ी मनके सीमित उपयोग: मुख्यमंत्री, मंत्री मन अउ जम्मो निगम, मंडल अउ आयोग के पदाधिकारी मनके कारकेड म सिरिफ ओही गाड़ी मन चलिहें जेकर अब्बड़ जरूरत हे। बाकी सरकारी साधन मनके घलो संभल के उपयोग करे बर लगही।
इलेक्ट्रिक गाड़ी मनला बढ़ावा: राज्य के जम्मो सरकारी गाड़ी मनला धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) म बदले बर जरूरी कारवाही करे जाही।
गाड़ी अउ तेल खरचा म कंजूसी: सरकारी गाड़ी मनम पेट्रोल-डीजल के खरचा ला एकदम कम रखे जाही। अगर कतको विभाग के अधिकारी मनला एकच डहर जाना हे, त ओमन बर ‘वाहन पूलिंग’ (एकच गाड़ी म मिलके जाना) के व्यवस्था लागू करे जाही।
विदेस जावाय ऊपर रोक: अब्बड़ जरूरी स्थिति ला छोड़के, सरकारी खरचा म शासकीय कर्मचारी मनके विदेस जावाय ऊपर पूरा रोक रही। कतहुं जाना जरूरी घलो होइस त मुख्यमंत्री जी के पहिली मंजूरी लेना अनिवार्य होही।
ऑनलाइन बैठक मनला बढ़ावा: जम्मो विभाग मनला कहे गे हे कि महीना म सिरिफ एकच बार भौतिक (आमने-सामने) बैठक करे जाय। एकर जगह म वर्चुअल या ऑनलाइन मोड म बैठक मनला बढ़ावा दिय जाय। विभाग मनके समीक्षा बैठक घलो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ले ही होही।
ऑफिस म बिजली के बचत: ऑफिस के समे सिराय के बाद जम्मो बिजली के सामान (लाइट, पंखा, ए.सी., कंप्यूटर) ला बंद करना जरूरी होही। सरकारी भवन मनम बिजली के फालतू खरचा ला रोके बर उपाय करे जाही।
ई-ऑफिस अउ डिजिटल काम: बैठक मनम बड़-बड़ किताब अउ छपे हुए कागज के जगह म इलेक्ट्रॉनिक फाइल (.pdf/.ppt) के उपयोग करे जाही। ऑफिस के जम्मो चिट्ठी-पतरी अउ नस्ती (फाइल) मनके काम ‘ई-ऑफिस’ के माध्यम ले ही करे जाही, ताकि कागज अउ स्टेशनरी के खरचा बाच सकय।
ऑनलाइन ट्रेनिंग: भौतिक रूप से ट्रेनिंग प्रोग्राम रखे के जगह म आईगॉट (iGOT) कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम ले ऑनलाइन ट्रेनिंग दिय जाही।
गाड़ी मनके खरचा के हिसाब-किताब
छत्तीसगढ़ म बड़े अधिकारी मनके लग्जरी गाड़ी मनबर किराया के रूप म हर महीना 75 हजार रुपिया तक के दर तय हे। ए दर हर महीना 2000 किलोमीटर गाड़ी चले बर दिय जाथे। प्रदेश म करीब 58 विभाग हें अउ लगभग जम्मो विभाग म 3 ले 4 गाड़ी मन किराया म चल्लत हें। राज्य म 2000 किलोमीटर ऊपर सबले कम मासिक किराया 54 हजार रुपिया तय हे।
जतका विभाग, ओतकी गाड़ी के परंपरा ऊपर लगही रोक
सहर म ए बात के अब्बड़ चरचा हे कि मंत्री अउ बड़े आईएएस अधिकारी मन करा जतका विभाग रहिथे, ओतकी गाड़ी मनके व्यवस्था ओमन बर करे जाथे। ए गाड़ी मनके भुगतान घलो संबंधित विभाग ह करथे। कुछु अधिकारी मनला छोड़के, कतको मंत्री अउ अफसर मन करा 4 ले 5 गाड़ी मन रहिथें, जो काफिला ले अलग होथें अउ ओखर उपयोग दूसर लोगन मन करथें। अब नवा नियम आय ले ए परंपरा ऊपर रोक लगही।



