डिजिटल अरेस्ट के नाम मा रिटायर्ड महिला प्रोफेसर ले 1.04 करोड़ के ठगी, टेरर फंडिंग के डर दिखा के ऐंठिन रकम
Cyber Fraud : बिलासपुर। न्यायधानी मा साइबर ठग मन ह एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर ला “डिजिटल अरेस्ट” के जाल मा फंसा के 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रूपया के बड़े ठगी करे हें। ठग मन ह ओ मन ला टेरर फंडिंग मा शामिल होय के झूठा आरोप लगाइन अउ मानसिक रूप ले डरा-धमका के पूरा पैसा अपन खाता मा ट्रांसफर करवा लिन। ये मामला मा रेंज साइबर थाना पुलिस ह अपराध दर्ज करके जांच शुरू कर दे हे।
PSI बनके करिन व्हाट्सएप कॉल जानकारी के मुताबिक, मुंबई मा रहइया प्रशांत श्रीवास्तव ह रिपोर्ट दर्ज कराय हे। ओखर महतारी रमन श्रीवास्तव ह साल 2005 मा डीपी विप्र कॉलेज ले प्रोफेसर पद ले रिटायर होय रिहिन अउ अभी सिविल लाइन इलाका के मंगला चौक मा रहिथें। प्रशांत ह बताइस कि 20 अप्रैल के दोपहर लगभग 1:30 बजे ओखर महतारी करा एक अनजान व्हाट्सएप मैसेज आइस, जेमा “संजय पीएसआई” लिखे रिहिस। एकर बाद ठग मन ह वीडियो कॉल करके ओ मन ला धमकाना शुरू करिन।
2 घंटा ले जादा बखत तक डराइन-धमकाइन ठग मन ह प्रोफेसर ला डराइन कि ओ मन एक आतंकवादी ग्रुप ले जुड़े हें अउ अवैध पइसा के लेन-देन मा शामिल हें, जेखर से ओ मन ला जेल हो सकथे। करीब सवा 3 बजे फिर ले वीडियो कॉल करके ओखर परिवार अउ बैंक खाता के जानकारी लिन अउ 2 घंटा ले जादा समय तक ओ मन ला मानसिक रूप ले प्रताड़ित करिन। ठग मन ह धमकी दीन कि अगर गिरफ्तारी ले बचना हे त बताए गए खाता मा पैसा ट्रांसफर करव। ये घलो कहिन कि अगर कोनो ला बताए त ओ मन ला घलो फंसा देबो अउ ओखर बेटा-पोता मन ऊपर घलो नजर रखे जावत हे।
बेटे ले 50 लाख मांगिस त होइस खुलासा लगातार धमकी ले डर के प्रोफेसर ह आरटीजीएस (RTGS) के जरिए पहली 20 लाख 20 हजार रूपया ट्रांसफर करिन। एकर बाद अलग-अलग किश्त मा कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रूपया ठग मन के खाता मा डाल दीन। ठग मन के मन एतका मा घलो नहीं भरिस, ओ मन ह 50 लाख रूपया अउ मांगिन। जब महिला ह अपन बेटा ले 50 लाख रूपया मांगिस, तब जाके ये पूरा ठगी के पता चलिस। बेटा ह तुरंत बिलासपुर पहुँचिस अउ पुलिस मा शिकायत दर्ज कराइस।



