अनिल टुटेजा के जमानत अर्जी खारिज, हाई कोर्ट कहिस – ‘पब्लिक फंड के दुरूपयोग बर्दाश्त नई’
Chhattisgarh High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ह कोरबा जिला के डीएमएफ (डिस्टि्रक्ट मिनरल फंड) घोटाला अउ मनी लॉन्ड्रिंग के मामला म जेल म बंद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा के जमानत अर्जी ल खारिज कर दीस हे। जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच ह फैसला सुनावत किहिस कि अपराध के गंभीरता अउ गवाह मन ल प्रभावित करे के आशंका ल देखत हुए अभी जमानत नई देई जा सकय।
अदालत ह अपन आदेश म साफ किहिस कि याचिकाकर्ता ह बड़े पद म रहत हुए सप्लायर्स मन के संग मिलके सरकारी खजाना ल भारी नुकसान पहुंचाए हे। कोर्ट के कहना रिहिस कि आर्थिक अपराध ले देश के अर्थव्यवस्था अउ हित ल गहरा चोट पहुंचथे। टुटेजा ल ईओडब्ल्यू (EOW) अउ एसीबी (ACB) ह 23 फरवरी 2026 के गिरफ्तार करे रिहिस।
कोर्ट ह अपन फैसला म का किहिस?
हाई कोर्ट ह मामला के सुनवाई के बाद किहिस:
भ्रष्टाचार म संलिप्तता: केस डायरी के मुताबिक करप्शन एक्ट के धारा 7 अउ 12 के तहत टुटेजा के संलिप्तता दिखे बर मिलत हे। सतपाल सिंह छाबड़ा ल मिले 16 करोड़ के कमीशन म ले टुटेजा ल घलो भुगतान करे गे हे।
पद के गलत इस्तेमाल: टुटेजा ह अपन सीनियर अफसर के पद के दुरुपयोग करके प्राइवेट कंपनी मन ल फायदा पहुंचाईस, जऊन हा सीधा-सीधा जनता के पैसा के बर्बादी आय।
कस्टडी जरूरी: सतपाल सिंह छाबड़ा के बयान के सच्चाई अउ मामला के तह तक जाय बर टुटेजा के जेल म रहना जरूरी हे।
जमानत के आधार ल कोर्ट ह नई मानिस
अनिल टुटेजा कोति ले तर्क दे गे रिहिस कि अऊ सह-आरोपी मन ल सुप्रीम कोर्ट ले जमानत मिल गे हे, तेकर सेती ओमन ल घलो रिहा करे जाय। एखर जवाब म हाई कोर्ट ह किहिस कि रानू साहू अउ सौम्या चौरसिया जइसन आरोपी मन ह 2 साल ले जादा समय जेल म बिताए हें, जबकि टुटेजा ह अभी सिर्फ 2 महीना ले जेल म हे। अइसन म ओमन ह दूसर आरोपी मन के बराबरी (पैरिटी) के दावा नई कर सकंय।



