रामावतार जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट म आज होही अंतिम सुनवाई
jaggi murder case : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामला म आज बिलासपुर हाईकोर्ट म बड़े सुनवाई होवैया हे। डिवीजन बेंच म ए मामला के आखिरी सुनवाई होही, जेमा CBI, राज्य सरकार, सतीश जग्गी अउ अमित जोगी अपन-अपन पक्ष रखहीं। अमित जोगी ए मामला के मुख्य आरोपी रहिन हें। हाईकोर्ट म फाइनल सुनवाई ले पहिली अमित जोगी ह रायपुर के लोवर कोर्ट ले 50-50 हजार के बांड म जमानत ले ले हें।
बता दन कि डिवीजन बेंच ह 2 साल पहिली रामावतार जग्गी हत्याकांड के दोषी मन के अपील ला खारिज कर दे रहिस, जेमा उमर कैद के सजा ला बरकरार रखे गे रहिस। ओती सुप्रीम कोर्ट ह सीबीआई के अपील ला स्वीकार करत हुए मामला ला फिर ले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजे के निर्देश दे रहिस, ताकि मामला के मेरिट म विस्तार ले सुनवाई हो सके।
हत्याकांड के बाद पुलिस के पहिली जांच म भेदभाव अउ असंतोष के आरोप लगे के बाद राज्य सरकार ह जांच ला सीबीआई ला सौंप दे रहिस। तब सीबीआई ह अपन जांच म पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटा अमित जोगी समेत कतको लोगन मन ऊपर हत्या अउ साजिश के आरोप लगाय रहिस।
2003 म होय रहिस एनसीपी नेता रामावतार जग्गी के हत्या 4 जून 2003 ला एनसीपी नेता रामावतार जग्गी के गोली मार के हत्या कर दे गे रहिस। ए मामला म 31 झन ला आरोपी बनाये गे रहिस, जेमा ले बल्टू पाठक अउ सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गे रहिन। अमित जोगी ला छोड़ के बाकी 28 लोगन मन ला सजा मिलिस। हालांकि 31 मई 2007 ला रायपुर के विशेष अदालत ह सबूत मन के कमी के सेती अमित जोगी ला बरी कर दे रहिस। रामअवतार जग्गी के बेटा सतीश जग्गी ह अमित जोगी ला बरी करे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट म अपील करे रहिस, जेमा अमित के पक्ष म स्टे लगे रहिस। बाद म सुप्रीम कोर्ट ह केस ला हाईकोर्ट भेज दिस।
अंतिम सुनवाई ले पहिली अमित जोगी ल मिलिस जमानत छत्तीसगढ़ के ए बड़े हत्याकांड म आखिरी सुनवाई ले पहिली बड़े कानूनी हलचल देखे ला मिले हे। मामला के मुख्य आरोपी रहे अमित जोगी ह रायपुर के लोवर कोर्ट ले जमानत ले ले हे। अदालत ह ओला 50-50 हजार रुपिया के निजी मुचलका म राहत दे हे। अब ए मामला निर्णायक मोड़ म पहुंच गे हे। आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट म ए केस के आखिरी सुनवाई होही, जेकर ऊपर पूरा प्रदेश के नजर टिके हे।रामावतार जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट म आज होही अंतिम सुनवाई