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हाईकोर्ट म जग्गी हत्याकांड केस फेर खुलगे: 1 अप्रैल के होही आखिरी सुनवाई, अमित जोगी कहिन – सत्य के जीत होही

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Jaggi Murder Case : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस मामले को रिओपन (पुनः खोलना) कर दिया है। बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की खंडपीठ में हुई प्रारंभिक सुनवाई के बाद, मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

हाईकोर्ट में होगी अंतिम जिरह
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए मामले को वापस हाईकोर्ट भेजा है ताकि मेरिट के आधार पर विस्तार से सुनवाई हो सके। 1 अप्रैल को होने वाली इस ‘फाइनल हियरिंग’ में CBI, राज्य सरकार और अमित जोगी अपना-अपना पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था, जिसे अब चुनौती दी जा रही है।

अमित जोगी का बयान: ‘सत्य की होगी जीत’
इस कानूनी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जोगी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने कहा:

“हाईकोर्ट मेरे बरी होने के दो दशक पुराने फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई करेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ईश्वर और सत्य मेरे साथ हैं। जो लोग ईश्वर पर भरोसा रखते हैं, वे हमेशा सफल होते हैं।”

क्या था मामला?
हत्या की तारीख: 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

आरोपी: इस केस में कुल 31 अभियुक्त थे। अमित जोगी को छोड़कर अन्य 28 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली थी।

सतीश जग्गी का तर्क: मृतक के बेटे सतीश जग्गी के वकीलों का कहना है कि यह हत्याकांड तत्कालीन सरकार द्वारा प्रायोजित था और षड्यंत्र का पर्दाफाश होना जरूरी है।

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